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मानहानि मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे की अर्जी खारिज की

Mon, 20 Sep 2021 04:01 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कुंटे ने याचिका में आरोप लगाया है कि छह मार्च  2014 को राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते  हुए कहा था आरएसएस के लोगों ने महात्मा गांधी की हत्या की थी।
 
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Rahul gandhi - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी राजेश कुंटे की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 2014 में दिए गए भाषण की ट्रांसक्रिप्ट को उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में सबूत के रूप में स्वीकार करने का अनुरोध किया गया था। इस भाषण में उन्होंने कथित तौर पर महात्मा गांधी की हत्या के लिए आरएसएस को दोषी ठहराया था।

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कुंटे ने सितंबर 2018 में भिवंडी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती देते हुए 2019 में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। मजिस्ट्रेट अदालत ने इस तरह के आरोप पत्र को सबूत के रूप में स्वीकार करने का अनुरोध खारिज कर दिया था।

न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की एकल पीठ ने सोमवार को कुंटे की याचिका को खारिज कर दिया। उक्त भाषण को लेकर 2014 में कुंटे द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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कुंटे की याचिका के अनुसार, गांधी ने छह मार्च 2014 को एक चुनावी रैली के दौरान भिवंडी में एक भाषण दिया, जहां उन्होंने कथित तौर पर कहा कि आरएसएस के लोगोंने महात्मा गांधी की हत्या की थी। इसके बाद संघ की भिवंडी इकाई के सचिव कुंटे ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से काटकर बताया गया है।

दिसंबर 2014 में, राहुल गांधी ने अपने खिलाफ शुरू की गई मानहानि की कार्यवाही को चुनौती देते हुए बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्होंने उस समय उच्च न्यायालय में उक्त भाषण की प्रतिलिपि प्रस्तुत की थी।

कुंटे ने उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में कहा था कि राहुल गांधी ने कहीं भी अपने भाषण से इनकार नहीं किया और उन्होंने अपने बचाव में सिर्फ भाषण की परिस्थितियों के बारे में सफाई दी थी।

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