सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कानपुर के एक व्यवसायी की मौत की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। इस मामले में छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगा है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्न की बेंच ने केंद्र और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। पीठ ने दीवाली की छुट्टी के बाद मामले अगली सुनवाई तय की है।
सीबीआई जांच की सिफारिश, पर हुआ नहीं कुछ
व्यवसायी की विधवा की ओर से पेश वकील अमित जॉर्ज ने कहा कि घटना के ठीक बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी।
अभी तक सीबीआई ने मामला दर्ज नहीं किया है और न ही राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी द्वारा कोई जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि अब तक क्राइम सीन रिक्रिएशन भी नहीं किया गया है। पीठ ने कहा कि वह इस मामले में नोटिस जारी कर रही है।
पुलिस की छापेमारी के दौरान गोरखपुर के एक होटल में मनीष गुप्ता (36) की मौत हो गई थी। वह अपने दो दोस्तों के साथ होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस ने पहले आरोप से इनकार किया था और कहा था कि नशे में होने के कारण वह जमीन पर गिर गे थे और उसके सिर में चोट आई थी।
बाद में मामले का खुलासा होने पर 29 सितंबर की छापेमारी में शामिल छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। गोरखपुर के डीएम विजय किरण आनंद ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है उनमें जेएन सिंह, उपनिरीक्षक विजय यादव और फलमंडी थाना प्रभारी अक्षय मिश्रा शामिल हैं।