कई भारतीय शहर, विशेष रूप से देश के उत्तरी हिस्सों में, वर्तमान में बढ़ते वायु प्रदूषण और चल रहे कोरोना वायरस (कोविड -19) महामारी की दोहरी मार महसूस कर रहे हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा से निजात मिलने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। हालांकि, वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन हवा में जहर से निजात नहीं मिल पाई है।
दिल्ली लगातार बेहद खराब वायु गुणवत्ता में दम तोड़ रही है। हालत की गंभीरता के कारण मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्कूलों को बंद करने की घोषणा की, और एक सप्ताह के लिए सभी सरकारी कार्यालयों में 100 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम की घोषणा की है।
राष्ट्रीय राजधानी के पड़ोसी राज्य हरियाणा ने भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते प्रदूषण के स्तर के कारण चार जिलों – गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत में सभी स्कूलों को 17 नवंबर तक बंद करने का फैसला किया है।
किसी शहर का एक्यूआई किस श्रेणी में आता है, यह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा दर्ज किया जाता है। इसके अनुसार शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 को 'मध्यम', 201 और 300 को 'खराब', 301 और 400 को 'बहुत खराब' और 401 और 500 के बीच एक्यूआई को 'गंभीर' माना जाता है। केंद्रीय विभाग हर दिन भारतीय शहरों द्वारा दर्ज किए गए एक्यूआई पर 24 घंटे का डाटा जारी करता है।
पिछले 24 घंटे में 'अच्छे' श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ एक्यूआई दर्ज करने वाले पांच शहरों/कस्बों की सूची:-
| शहर |
एक्यूआई |
| कोयंबटूर (चेन्नई) |
18 |
| अमरावती (आंध्र प्रदेश) |
19 |
| बागलकोट (कर्नाटक) |
23 |
| मदिकेरी (कर्नाटक) |
24 |
| गडग, कर्नाटक और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) |
26 |
पिछले 24 घंटे में 'बहुत खराब' श्रेणी में सबसे खराब एक्यूआई दर्ज करने वाले पांच शहरों/कस्बों की सूची:-
| शहर |
एक्यूआई |
| नारनौल (हरियाणा) |
359 |
| दिल्ली और कोटा (राजस्थान) |
353 |
| मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) |
351 |
| जींद (हरियाणा) |
350 |
| उदयपुर (राजस्थान) |
348 |