केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि देश में 15 वर्ष और इससे अधिक आयु के 95.5 फीसदी लोगों को कोरोना वायरस रोधी टीके की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। वहीं, 80.6 फीसदी लोगों को दोनों खुराकें दी जा चुकी हैं। सरकार ने कहा कि अधिकतर पात्र लाभार्थियों को टीका लगाया जा चुका है इसलिए टीकाकरण अभियान की रफ्तार धीमी हो गई है।
इस सवाल पर कि क्या देश के अस्पतालों में जो कोविड टीके उपलब्ध हैं वह आने वाले समय में एक्सपायर होने वाले हैं, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने कहा कि केंद्र टीकों के स्टॉक पर करीबी से नजर बनाए हुए है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उनकी खपत की निगरानी भी की जा रही है ताकि कोविड-19 टीकों की बर्बादी होने की स्थिति से बचा जा सके।
मांग के आधार पर की जा रही है टीकों की आपूर्ति
पवार ने कहा कि टीकों की आपूर्ति राज्यों की मांग के आधार पर की जा रही है। राज्यों को पर्याप्त मात्रा में टीकों की खुराकें उपलब्ध कराई गई हैं जिनसे वह अपने बचे हुए पात्र लाभार्थियों का टीकाकरण कर सकते हैं और एहतियाती खुराकें भी दे सकते हैं। जो टीके एक्सपायर होने वाले हैं उन्हें संबंधित राज्य सरकारें समय से उपयोग के लिए फिर से वितरित करती हैं।
राज्यों को दी गई है रोज समीक्षा करने की सलाह
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सलाह भी दी गई है कि वह टीकाकरण अभियान की कवरेज और टीका बर्बादी की दैनिक आधार पर समीक्षा करें। टीके फिर से वितरित करें। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान पूरी तरह सफल रहा है और अधिकांश लाभार्थियों को इसकी दोनों खुराकें लग चुकी हैं।