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राजकोषीय घाटा: सितंबर तक हुआ 5.26 लाख करोड़ रुपये, पिछले साल के मुकाबले आया सुधार

Fri, 29 Oct 2021 06:01 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लेखा महानिदेशक ने शुक्रवार को देश के राजकोषीय घाटे से संबंधित आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों में राजकोषीय घाटे की स्थिति में पिछले साल के मुकाबले खासा सुधार देखने को मिला है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा सितंबर 2021 के अंत में 5.26 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान का 35 फीसदी हो गया है। यह जानकारी लेखा महानियंत्रक (सीजीए) ने सोमवार को दी। मौजूदा वित्त वर्ष में घाटे के आंकड़े पिछले वित्त वर्ष की तुलना में काफी बेहतर दिखाई दे रहे हैं। पिछले साल, मुख्य रूप से कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए खर्च में उछाल के कारण अनुमान से 114.8 फीसदी तक बढ़ गया था।

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सीजीए ने कहा कि कुल मिलाकर राजकोषीय घाटा या व्यय और राजस्व के बीच का अंतर अगस्त के अंत में पांच लाख 26 हजार 851 करोड़ रुपये था। वर्तमान वित्त वर्ष के लिए केंद्र सरकार को यह घाटा, जीडीपी के 6.8 फीसदी या 15 लाख छह हजार 812 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर तक केंद्र की कुल प्राप्ति 10.99 लाख करोड़ या संबंधित बजट अनुमान  2021-22 का 55.6 फीसदी थी।

आंकड़ों में कहा गया है कि वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत में केंद्र सरकार का कुल खर्च 16.26 लाख करोड़ रुपये या चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 46.7 फीसदी था। कुल व्यय में से 13 लाख 96 हजार 666 करोड़ राजस्व खाते में और दो लाख 29 हजार 351 करोड़ पूंजी खाते में थे। कुल व्यय में से तीन लाख 63 हजार 757 करोड़ ब्याज भुगतान के लिए व एक लाख 80 हजार 959 करोड़ प्रमुख सब्सिडी के कारण थे।

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