कोर्ट में याचिकाकर्ता ने बताया कि वे सऊदी अरब में नौकरी करते हैं और वहां कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड को मंजूरी मिली है, कोवाक्सिन को नहीं। उन्हें यहां कोवाक्सिन के दोनों डोज लगाए गए हैं। इसलिए उन्हें कोवीशील्ड लगवाने की इजाजत दी जाए।
केंद्र सरकार ने केरल हाईकोर्ट में अपना जवाब पेश करते हुए कहा कि कोरोना की वैक्सीन की दोनों खुराकें लेने के बाद तीसरी खुराक लेने का फिलहाल कोई नियम नहीं है। दरअसल, केरल हाईकोर्ट में कन्नूर के रहने वाले एक व्यक्ति ने याचिका लगाई थी। इसमें कहा गया है कि उन्होंने कोवाक्सिन की दोनों खुराकें ली हैं। अब वे कोवीशील्ड वैक्सीन लगवाना चाहते हैं। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि वे सऊदी अरब में नौकरी करते हैं और वहां कोवीशील्ड को मंजूरी मिल चुकी है। कोवाक्सिन को अब तक सऊदी अरब में मंजूरी नहीं मिली है।
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भारत की स्वदेसी कोरोना वैक्सीन कोवाक्सिन के आपातकालीन इस्तेमाल पर विश्व स्वास्थ्य संगठन अगले महीने निर्णय ले सकता है। कोवाक्सिन को अभी तक किसी भी पश्चिमी नियामक द्वारा अधिकृत नहीं किया गया है। टीके के लिए डब्ल्यूएचओ के सहायक महानिदेशक डॉ. मारियांगेला सिमाओ का कहना है कि भारत बायोटेक वैक्सीन के बारे में संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी का आकलन बेहतर था और अधिकारियों से सितंबर के मध्य तक अहम फैसले की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि वैक्सीन के शॉट पर कुछ अध्ययन प्रकाशित किए गए हैं, जिसमें तय किए गए पैमाने पर वैक्सीन को सही पाया गया है। इससे पहले 19 जुलाई को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के साथ बैठक कर सभी पहलुओं पर बातचीत की थी और जल्द से जल्द आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने पर हामी भरी थी।