केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक सेवारत नौसेना अधिकारी समेत दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने यह कार्रवाई किलो-क्लास पनडुब्बी के आधुनिकीकरण से संबंधित खुफिया जानकारी लीक होने के एक मामले में की है। मामले में फिलहाल आगे की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक लोक सेवक, दो सेवानिवृत्त लोकसेवक और दो अन्य व्यक्ति शामिल हैं। एजेंसी ने इस मामले में दिल्ली, नोएडा, मुंबई व हैदराबाद में 19 स्थानों पर छापेमारी की और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व संवेदनशील दस्तावेज बरामद किए।
समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने हुई इस गिरफ्तारी के बाद नौसेना की ओर से एक उच्च स्तरीय जांच का आदेश जारी किया गया है। यह जांच ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक वाइस एडमिरल और रियर एडमिरल की अगुवाई में की जाएगी।
सूत्रों ने कहा, 'संबंधित एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद सीबीआई ने एक सेवारत नौसेना अधिकारी को गिरफ्तार किया है। यह अधिकारी कमांडर स्तर का है जो वर्तमान में मुंबई में तैनात है।' इसके अलावा सीबीआई उन अधिकारियों से भी बातचीत कर रही है जो गिरफ्तार किए गए अधिकारियों के संपर्क में थे।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि इस जांच में भारतीय नौसेना, सीबीआई का पूरा सहयोग कर रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा की देखभाल करने वाली एजेंसियों सहित सरकार के शीर्ष अधिकारियों को भी इस मामले की जांच की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है।
सूत्रों ने बताया कि जैसे ही नौसेना के शीर्ष अधिकारियों को इस मामले की जानकारी मिली, उन्होंने बिना देरी करते हुए एक पांच सदस्यी जांच दल का गठन किया। इसकी अध्यक्षता एक वाइस एडमिरल स्तर के अधिकारी दी गई है। इसके अलावा अन्य संभावित लीक का पता लगाने के लिए एक समांतर जांच भी शुरू की गई है।
गुजरात एटीएस ने बीएसएफ कर्मी को किया था गिरफ्तार
बीते दिनों गुजरात एटीएस (आतंक निरोधी दस्ता) ने बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) की भुज बटालियन में तैनात एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था। इस कर्मचारी पर कथित तौर पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का और इंस्टैंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप के जरिए संवेदनशील जानकारी पड़ोसी देश के पास भेजने का आरोप है।