सेवानिवृत्त शिक्षक को पेंशन से जुड़े लाभ जारी करने में देरी पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार को दिनाजपुर जिला शिक्षा प्रशासन के दो शीर्ष अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक ध्रुबज्योति सरकार फरवरी, 2020 में सेवानिवृत्त हुए थे।
उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि सेवानिवृत्ति के एक साल से ज्यादा समय बाद भी उन्हें सभी पेंशन लाभ नहीं मिले हैं। इसलिए उन्हें 18 फीसदी ब्याज के साथ पेंशन से जुड़े सभी लाभ दिए जाएं।
कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला : सेवानिवृत्त शिक्षक के उत्पीड़न का अंत जरूरी
सुनवाई के दौरान जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ उत्पीड़न का अंत होना चाहिए। चाहे वह प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक हों या माध्यमिक के। इसके बाद उन्होंने दक्षिण दिनाजपुर के डीपीएससी (जिला प्राथमिक विद्यालय परिषद) के अध्यक्ष और जिला विद्यालय निरीक्षक (प्राथमिक) का वेतन अगले आदेश तक रोकने का आदेश दिया।
साथ ही दोनों अधिकारियों को मामले में प्रतिवादी बनाने का निर्देश देते हुए 13 सितंबर तक हलफमाना दाखिल करने को कहा है। दरअसल, याचिकाकर्ता का 2008 में दक्षिण दिनाजपुर जिले के एक स्कूल से उत्तर 24 परगना जिले के स्कूल में ट्रांसफर किया गया था। उत्तर 24 परगना के डीपीएससी के वकील ने कोर्ट में कहा कि उन्हें याचिकाकर्ता से जुड़े मामले में कोई कागज नहीं मिला है। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारियों ने बकाया भुगतान के लिए आज तक कोई कदम नहीं उठाया है।