केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को पांच भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईआईटी) को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान (आईएनआई) का दर्जा देने को अपनी मंजूरी दे दी। पीपीपी मोड के ये पांच आईआईआईटी सूरत, भोपाल, भागलपुर, अगरतला और रायचूर में हैं। अब ये संस्थान बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) या मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) या पीएचडी डिग्री के नामपद्धति या शब्दावली का इस्तेमाल कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) कानून (संशोधन) बिल-2020 को मंजूरी दी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस बिल से शेष 5 आईआईआईटी-पीपीपी के साथ सार्वजनिक निजी भागीदारी वाले 15 मौजूदा आईआईआईटी संस्थानों को डिग्रियां देने की शक्ति समेत राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में घोषित किया जा सकेगा।
इससे वे किसी विश्वविद्यालय या राष्ट्रीय महत्व के संस्थान की तरह बीटेक या एमटेक या पीएचडी डिग्री के नामकरण का इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत होंगे। इससे ये संस्थान सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश में एक सशक्त अनुसंधान सुविधा विकसित करने के लिए पर्याप्त छात्रों को आकर्षित करने में भी सक्षम होंगे।
कैबिनेट ने 20 आईआईआईटी (पीपीपी) में से प्रत्येक में एक और आईआईआईटीडीएम करनूल (आईआईआईटी-सीएफटीआई) में एक समेत निदेशक के 21 पदों की पूर्व प्रभाव से मंजूरी दी। साथ ही इनमें रजिस्ट्रार के 21 पदों की भी पूर्व प्रभाव से स्वीकृति दी।