कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की आज पहली पुण्यतिथि है। इस मौके पर देश और दुनिया के सभी नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। पुण्यतिथि के मौके पर स्मृति व्याख्यान का भी आयोजन किया गया। इसमें बांग्लादेश की पीएम, भारत के उप राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए नमन किया।
देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पहली पुण्यतिथि पर देश और दुनिया के नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। पुण्यतिथि के मौके पर स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया है। वर्चुअल रूप से आयोजित इस स्मृति व्याख्यान को देश के उपराष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संबोधित किया। शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की आजादी में प्रणब मुखर्जी के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। बांग्लादेश के लोग उनके समर्थन को कृतज्ञतापूर्वक याद करते हैं। प्रणब मुखर्जी के मन में हमारे राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के लिए बहुत सम्मान था। वह बांग्लादेश के सच्चे मित्र और उपमहाद्वीप के एक महान राजनीतिक प्रतीक थे। मैं महान व्यक्तित्व को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देती हूं।
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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि 2018 में नागपुर स्थित आरएसएस कार्यालय में प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए प्रणब दा ने कहा था कि लोकतंत्र उपहार नहीं है, बल्कि एक पवित्र मार्गदर्शक है।
मनमोहन सिंह बोले- अपने ज्ञान के दम पर उन्होंने कई मंत्रालयों को संभाला
पूर्व प्रधान मंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति बनने से पहले उनका पांच दशक से अधिक का शानदार राजनीतिक जीवन था। वह कांग्रेस पार्टी के सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक थे। पहली स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि अपनी राजनीतिक प्रतिभा और कौशल के दम पर उन्होंने भारत सरकार के कई मंत्रालयों को संभाला।