उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुझे इसमें कोई शंका नहीं है कि शिक्षा ही समाज को बदल सकती है। समाज में बदलाव तब आएगा, जब हम नए-नए खोज करेंगे, रिसर्च करेंगे, विकास करेंगे। जब हम आउट ऑफ द बॉक्स जाकर सोचेंगे, तभी समाज में परिवर्तन आएगा।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि समाज को बदलने के लिए शिक्षा सबसे प्रभावशाली, स्थायी, परिवर्तनकारी तंत्र है। यह असमानताओं को दूर कर सकता है और असमानताओं का मुकाबला कर सकता है। यदि हमारे पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है, तो अन्य चीजें भी अपने स्थान पर आ जाएंगी। वे आज यहां रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और राज्यपाल असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया उपस्थित रहे।
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उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुझे इसमें कोई शंका नहीं है कि शिक्षा ही समाज को बदल सकती है। समाज में बदलाव तब आएगा जब हम नए-नए खोज करेंगे। रिसर्च करेंगे। विकास करेंगे। जब हम आउट ऑफ बॉक्स जाकर सोचेंगे। तभी समाज में परिवर्तन आएगा। उन्होंने 21 सितंबर के दिन को भी याद किया जब संसद ने महिला आरक्षण बिल को पास किया। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आधी आबादी को न्याय मिला।
उन्होंने कहा कि जब देश की प्रगति अप्रत्याशित हो जाती है। सपनों से परे होती है। जमीनी हकीकत है। तो चुनौतियां भी हैं। दुनिया में भारत की आवाज बुलंदी पर है। यह बहुत से लोगों के हाजमें के लिए ठीक नहीं है। ऐसा इलाज कीजिए उन लोगों का, जो भारत की प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं। उनको बेचैनी हो जाती है। वो किसी भी हद तक जा सकते हैं। भारत की पवित्र संस्थाओं को कलंकित करने के लिए। मैं हर एक से अपील करना चाहता हूं कि यह हमारी राष्ट्रीय कर्तव्य है कि भारतीयता पर विश्वास करें। भारत के नागरिक होने पर गर्व करें। भारत विरोधियों के खिलाफ उठें। आप में ताकत है, आपमें बुद्धि है, आपमें सोच हैं। आप विवेचन कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो कुछ भी कह जाते हैं। हमारा पड़ोसी मुल्क हमसे अच्छा है। उस देश के लोग यह बात सुनकर बेहोश हो जाते हैं। कहां आ गए हैं हम। जब राष्ट्र पूरी तरह से अग्रसर है। सही रास्ते पर है। दुनिया सराहना कर रही है। हमने जो भी पाया है, हमारी अचीवमेंट्स प्रेक्टिकल टर्म्स में हैं। हमें पीछे नहीं हटना चाहिए। मुझे विश्वास है, आप उसे कर गुजरेंगे।
इससे पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सोमवार को सुबह यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गुवाहाटी पहुंचे। असम के राज्यपास और मुख्यमंत्री ने यहां पहुंचने पर उनका हवाई अड्डे पर स्वागत किया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में पौधा भी लगाया।