कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता और असम सरकार के पूर्व मंत्री सरत बरकटकी का सोमवार को गुवाहाटी के एक अस्पताल में निधन हो गया। अधिकारियों ने बताया कि बरकटकी (86 वर्षीय) को उम्र संबंधी विभिन्न बीमारियों के कारण 16 अक्तूबर को गौहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
उन्होंने बताया कि रविवार रात उनकी हालत बिगड़ने लगी और देर रात 1.36 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखें दान कर दी थीं, जिन्हें शव परिवार को सौंपने से पहले निकाल लिया गया था।
बरकटकी के पार्थिव शरीर को गुवाहाटी में उनके आवास और शहर में राज्य कांग्रेस मुख्यालय ले जाया गया। जहां पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार उनके पैतृक स्थान चराइदेव जिले के सोनारी में होगा।
भाजपा के टोपोन कुमार गोगोई से हारने से पहले बरकटकी 1991 से 2016 तक लगातार पांच बार सोनारी के विधायक रहे। उन्होंने हितेश्वर सैकिया सरकार के साथ-साथ तरुण गोगोई सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया और शिक्षा व लोक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बोर्कोटोकी की मृत्यु राज्य के लिए एक बड़ी क्षति है। भाजपा में शामिल होने से पहले कांग्रेस के दिनों को याद करते हुए सरमा ने कहा, वह साफ व्यक्तित्व के साथ एक चतुर नेता थे और मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला था।
कांग्रेस के राज्य प्रमुख भूपेन कुमार बोरा ने भी उनके निधन पर शोक जताया और कहा कि उन्होंने एक समर्पित कार्यकर्ता खो दिया है। उन्होंने कहा, पार्टी आजीवन सहयोग के लिए हमेशा उनकी ऋणी रहेगी, बरकटकी अंतिम सांस के समय तक राज्य कांग्रेस के कोषाध्यक्ष के रूप मे कार्यरत रहे।