केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को राज्य की मीडिया से आग्रह किया कि वे भूस्खलन प्रभावित वायनाड के लिए केंद्रीय सहायता में देरी के बारे में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से सवाल करें। राज्य के वायनाड जिले में 30 जुलाई की रात को आए भूस्खलन में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को राज्य के मीडिया से आग्रह किया कि वे भूस्खलन प्रभावित वायनाड के लिए केंद्रीय सहायता में देरी के बारे में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से सवाल करें। दरअसल जब पत्रकारों ने इस मामले पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि सीएम को पता है कि सिस्टम कैसे काम करता है और इसलिए उनसे पूछिए।
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बार-बार सवाल पूछने पर टालते रहे मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने अपने जवाब में कहा, आप अपने मुख्यमंत्री से पूछिए, सिस्टम क्या है? मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं है, आप अपने सीएम से पूछिए, उन्हें बताने दीजिए कि यह कैसे आती है। हालांकि पत्रकारों ने बार-बार सवाल पूछे जाने पर अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी ने टिप्पणी करने से परहेज किया।
भीषण त्रासदी में 300 से ज्यादा लोगों की मौत
वायनाड जिले में 30 जुलाई को वायनाड के मुंदक्कई और चूरलमाला क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन के बाद दोनों क्षेत्र लगभग तबाह हो गए और इस त्रासदी में 300 से अधिक लोग मारे गए। वहीं 200 से ज्यादा अंग बरामद किए गए थे। जबकि इलाके में सैकड़ों घर पूरी तरह से तबाह हो गए थे।
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पीएम मोदी ने प्रभावित क्षेत्र का किया था दौरा
इसे दक्षिणी राज्य को प्रभावित करने वाली सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जाता है। इस भीषण आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 अगस्त को वायनाड में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पुनर्वास पहल के लिए हर संभव मदद की पेशकश की।
'पुनर्वास के लिए दो हजार करोड़ रुपये की जरुरत'
वहीं राज्य सरकार ने इलाके में पुनर्वास के लिए ही दो हजार करोड़ रुपये की जरूरत की बात कही थी। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया था मुंदक्कई और चूरलमाला में कृषि क्षेत्र, पशुधन, घरों, इमारतों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, सड़कों और बिजली के साथ-साथ निजी संपत्तियों को भी भारी नुकसान हुआ है।