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RG Kar Case: ममता ने मानी डॉक्टरों की 99 फीसदी मांगे, कोलकाता कमिश्नर सहित कई बड़े अधिकारियों को हटाया जाएगा

Mon, 16 Sep 2024 10:52 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

ममता बनर्जी ने शनिवार शाम को उनके आवास पर बातचीत के लिए पहुंचे आंदोलनकारी चिकित्सकों से बैठक में शामिल होने की अपील की थी। तब चिकित्सकों ने बैठक का सीधा प्रसारण करने की मांग की थी। इस पर बात न बन पाने की वजह से दोनों पक्षों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी। इसके बाद सोमवार को दोनों पक्ष बातचीत के लिए आगे बढ़े हैं।
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ममता बनर्जी और डॉक्टर्स की पिछली मुलाकात की तस्वीर - फोटो : PTI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर मामले में गतिरोध समाप्त करने के लिए आंदोलनकारी चिकित्सकों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया। बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने अपने आवास पर डॉक्टरों से बातचीत की। जूनियर डॉक्टरों का एक दल सीएम के आवास पर ही उनसे कई मुद्दों पर चर्चा की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद सीएम ममता बनर्जी ने अपना बयान जारी किया। ममता बनर्जी ने कहा कि  हमने डॉक्टरों की बात मानी है। उनकी 99 फीसदी मांगो को मान लिया गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद बड़े बदलाव होंगे। 

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42 डॉक्टरों ने किए समझौते पर हस्ताक्षर, कोलकाता कमिश्नर हटाए गएजूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार ने डॉक्टरों की 99 फीसदी मांगे मान ली है। शेष मांगों पर हम विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टर तीन लोगों को हटाने की मांग कर रहे थे। इनमें से दो लोगों को पहले ही हटा दिया गया है। सरकार ने जूनियर डॉक्टरों की अस्पताल के बुनियादी ढांचे के विकास संबंधी सभी मांगें स्वीकार कर लीं है। ममता बनर्जी ने डॉक्टरों से काम पर लौटने की भी अपील की और कहा कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक के मिनट्स (विवरण) पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए हैं। डॉक्टरों की तरफ से उनके प्रतिनिधिमंडल के 42 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए, जबकि सरकार की तरफ से मुख्य सचिव ने हस्ताक्षर किए हैं। डॉक्टरों की मांगों में कोलकाता के पुलिस आयुक्त और राज्य के स्वास्थ्य सचिव को हटाने की मांग के साथ ही आरजी कर में जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म व हत्या के दोषियों को सजा दिलाना, सबूत मिटाने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना और सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा मुहैया कराना शामिल है।

मममता बनर्जी ने की डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील
इसके साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि हमने आंदोलनकारी डॉक्टरों से काम पर वापस लौटने का आग्रह किया है। आंदोलन कर रहे डॉक्टरों की पांच में से तीन मांगें मान ली गई हैं। विरोध करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। सीएम ने यह भी कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों की मांगों पर गौर करेगी। 
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'हमारा काम बंद, प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक...'
सीएम से मुलाकात के बाद आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों की ओर से भी बयान सामने आया है। आंदोलनरत डॉक्टरों ने कहा कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को हटाना हमारी नैतिक जीत है। साथ ही उन्होंने फिलहाल काम पर लौटने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि उनका प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा हमारी मांगों को पूरा करने का वादा पूरा नहीं हो जाता। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा वे अभी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का भी इंतजार कर रहे हैं। शीर्ष कोर्ट में सुनवाई करने के बाद ही हम कोई अंतिम फैसला लेंगे। 

बैठक के मिनट्स को अंतिम रूप देने में लगे ढाई घंटे
बातचीत के चार असफल प्रयासों के बाद 35 आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल आज शाम बैठक के लिए पहुंचा था। यह बैठक पहले शाम 5 बजे निर्धारित थी, लगभग 6:50 बजे शुरू हुई और रात लगभग नौ बजे समाप्त हो गई। बैठक के बाद, दोनों पक्षों ने अगले ढाई घंटे तक कार्यवृत्त को अंतिम रूप देने पर काम किया। डॉक्टरों को रात करीब 11:30 बजे बनर्जी के आवास से बाहर निकलते देखा गया।

बंगाल सरकार ने मानी बातचीत की लिखित रिकॉर्डिंग की मांग
इससे पहले बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत ने लिखा, 'यह पांचवीं और अंतिम बार है, जब हम मुख्यमंत्री और प्रतिनिधियों के बीच बैठक के लिए आपसे संपर्क कर रहे हैं। शनिवार को हुई हमारी चर्चा के मुताबिक हम एक बार फिर आपको चर्चा के लिए मुख्यमंत्री के कालीघाट स्थित आवास पर बैठक के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। पंत ने उम्मीद जताई कि डॉक्टर्स यह समझेंगे कि बैठक की कोई लाइव स्ट्रीमिंग या वीडियोग्राफी नहीं हो सकती, क्योंकि मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। इसके बजाय बैठक के मिनट्स को रिकॉर्ड किया जाएगा और इस पर दोनों से हस्ताक्षर कराए जाएंगे।'




इससे पहले ममता बनर्जी ने शनिवार शाम को उनके आवास पर बातचीत के लिए पहुंचे आंदोलनकारी चिकित्सकों से बैठक में शामिल होने की अपील की थी। तब चिकित्सकों ने बैठक का सीधा प्रसारण करने की मांग की थी। इस पर बात न बन पाने की वजह से दोनों पक्षों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी।

सुप्रीम कोर्ट का दिया था हवाला 
ममता ने चिकित्सकों से अंदर आने और बारिश में न भीगने की अपील करते हुए कहा था कि मैं आप सभी से अंदर आने और बैठक में हिस्सा लेने का अनुरोध करती हूं। चूंकि मामला अदालत में है, इसलिए हम बैठक के सीधे प्रसारण की अनुमति नहीं दे सकते। बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद ही आपको इसकी एक प्रति उपलब्ध कराऊंगी।

'आप लोग मेरा इस तरह अपमान क्यों कर रहे हैं?'
मुख्यमंत्री ने कहा था कि आज आपने कहा कि आप मिलना चाहते हैं, इसलिए मैं इंतजार कर रही हूं। आप लोग मेरा इस तरह अपमान क्यों कर रहे हैं? कृपया मेरा इस तरह अपमान न करें। इससे पहले तीन मौकों पर मैं इंतजार करती रही, लेकिन आप लोग नहीं आए।

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