महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की गिरफ्तारी पर भाजपा और एनसीपी आमने-सामने है। भाजपा ने जहां पीएम मोदी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई बताया है, वहीं, एनसीपी ने इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया है।
100 करोड़ की वसूली कांड में गिरफ्तार महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख और सत्तारूढ़ महाराष्ट्र अघाड़ी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। महाराष्ट्र भाजपा ने कहा कि पूर्व गृहमंत्री की गिरफ्तारी प्रधानमंत्री मोदी की जोरी टॉलरेंस नीति का नतीजा है। महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि अनिल देशमुख की गिरफ्तारी के बाद अभी कई बड़ी मछलियां जाल में फंसने वाली है। पाटिल ने कहा “उनकी गिरफ्तारी के बाद सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है, महाराष्ट्र सरकार में कई मंत्री और नेता को भी गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। यह गिरफ्तारी पीएम मोदी की जीरो टॉलरेंस नीति का एक बड़ा उदाहरण है।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रकात पाटिल ने उद्धव सरकार में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारुढ़ सरकार महाविकास अघाड़ी गठबंधन में भ्रष्टाचार चरम है। क्या यह बात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को मालूम है। उन्होंने कहा “पहले संजय राठौड़ को इस्तीफा देना पड़ा, अब अनिल देशमुख को गिरफ्तार किया गया है। इस स्थिति में आम आदमी का भरोसा भी इस सरकार से उठने लगा है। पाटिल ने कहा कि उद्धव ठाकरे चुपचाप क्या देख रहे हैं , क्या वह ऐसे लोगों के साथ सरकार चलाते रहेंगे?"
महाराष्ट्र की राज्य सरकार है या कोई नोट बनाने की मशीन- राम कदम
भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि अदालत की ओर से खारिज याचिका के बाद अनिल देशमुख को रिश्वत, जबरन वसूली मामले में ईडी के सामने पेश होने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कथित रैकेट का पता चला होता तो इससे कई लाख रुपये की उगाही हो जाती। राम कदम ने चुटकी ली कि यह महाराष्ट्र की राज्य सरकार है या कोई नोट बनाने की मशीन?
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केंद्र सत्ता का दुरुपयोग कर नेताओं को डराना बंद करे- नवाब मलिक
वहीं, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने देशमुख की गिरफ्तारी को लेकर विपक्षी दल भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। मलिक ने अनिल देशमुख की गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया और राज्य की महा विकास आघाड़ी सरकार के नेताओं की छवि खराब करने का आरोप लगाया । नवाब मलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र पर निशाना साधते हुए कि केंद्र सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर नेताओं को डराना बंद करे।