डीएसपी रवि के मुताबिक, मां पद्मजा ने अपनी बेटियों को मौत के घाट उतारा था। एक बेटी को मारने से पहले उसका सिर मूंडा गया था। इस दौरान पति दर्शक की तरह मौत के इस खेल का गवाह बनकर खड़ा रहा। पहले छोटी बेटी साई दिव्या (22) की एक त्रिशूल से हत्या की गई। इसके बाद बड़ी बेटी अलेख्या (27) को एक डंबल से मारा गया। पुलिस को यह भी शक है कि पति-पत्नी दोबारा जिंदा होने के अंधविश्वास में खुद को भी मारने जा रहा थे, लेकिन पुलिस टीम के सही समय पर पहुंच जाने के कारण वे आत्महत्या को अंजाम नहीं दे सके। डीएसपी ने बताया कि मौके पर किसी तरह की तंत्र-मंत्र से जुड़ी पूजा के सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम की मदद ली गई है।
डीएसपी ने बताया कि आरोपी दंपती उच्च शिक्षित है। एमएससी, पीएचडी धारक वी. पुरुषोत्तम फिलहाल मदनपल्ली के सरकारी महिला डिग्री कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य है, जबकि उसकी पत्नी पद्मजा स्वर्ण पदक के साथ स्नातकोत्तर करने के बाद एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल व पत्रकार के तौर पर काम कर रही है। उनकी बड़ी बेटी अलेख्या भोपाल में पीजी की पढ़ाई कर रही थी, जबकि छोटी बेटी साई दिव्या एआर रहमान की एकेडमी से संगीत शिक्षा ले रही थी। दोनों युवतियां लॉकडाउन के कारण अपने माता-पिता के पास आई हुई थीं।
पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि यह परिवार लॉकडाउन के दौरान से ही अजीब ढंग से बर्ताव करने लगा। रविवार रात को इस घर से चिल्लाने की आवाजें सुनने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी दंपती उन्हें घर के अंदर नहीं आने दे रहे थे। जैसे-तैसे पुलिस वाले अंदर गए और जो मंजर देखा, वह चौंकाने वाला था। एक लड़की की लाश पूजाघर में मिली तो दूसरी का शव एक कमरे में पड़ा था। दोनों ही शव लाल कपड़े से ढंके हुए थे।
पुलिस का कहना है कि जब आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया जा रहा था, तब इस जघन्य अपराध के लिए दोनों के चेहरे पर बिल्कुल भी पछतावा न था। पुलिस ने जब उनसे इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियां सूरज उगने के साथ ही जीवित हो जाएंगी, क्योंकि ‘कलयुग’ खत्म हो जाएगा और सोमवार से ‘सतयुग’ शुरू हो जाएगा। दंपती को अपनी इस बात पर पूरी तरह से विश्वास था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी दंपती को हिरासत में लेकर मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।