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जिस 'बच्चे' के चक्कर में काट रहा था सजा, वह उसका नहीं निकला, डीएनए रिपोर्ट ने ऐसे दिलाई जमानत

Mon, 25 Jan 2021 01:30 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो आपको हैरान कर देगा। दरअसल, यहां एक रेस्तरां में काम करने वाले युवक को अपनी पड़ोसन के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म और उसे गर्भवती करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह करीब 17 महीने से जेल में बंद था, लेकिन अब डीएनए रिपोर्ट के आधार पर उसे जमानत मिल गई है। दरअसल, डीएनए रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि वह अपनी पड़ोसन के बच्चे का पिता नहीं है।

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यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, मूक-बधिर पीड़िता मुंबई के एक स्पेशल चाइल्ड स्कूल में पढ़ रही है। 23 जुलाई 2019 को जब वह स्कूल गई तो उसने पेट में दर्द होने की शिकायत की। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जिसके बाद उसके गर्भवती होने की जानकारी मिली। ऐसे में लड़की से पूछताछ की गई तो उसने परिजनों को बताया कि पड़ोस में रहने वाले 25 वर्षीय युवक ने उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। इसके बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी और केस दर्ज कर लिया। 

आरोपी को नहीं मिली जमानत

बता दें कि इस मामले में आरोपी ने जमानत याचिका दाखिल की, लेकिन जांच होने का हवाला देते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। इस मामले में दोनों पक्षों के वकीलों ने लगातार जिरह की, जिसके बाद अदालत से डीएनए जांच की इजाजत मांगी गई। अदालत की मंजूरी के बाद आरोपी और पीड़िता के बच्चे का डीएनए टेस्ट किया गया। 

डीएनए रिपोर्ट ने दिलाई जमानत

बता दें कि डीएनए जांच की रिपोर्ट सामने आई तो युवक ने राहत की सांस ली। दरअसल, जिस 'बच्चे' के चक्कर में वह 17 महीने से जेल में बंद था, वह उसका नहीं निकला। इसके आधार पर अदालत ने आरोपी युवक को जमानत दे दी। 
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आरोपी ने दायर की एक और याचिका

बताया जा रहा है कि आरोपी ने इस मामले में एक और याचिका दायर की है, जिसमें उसने खुद पर झूठा आरोप लगाने की शिकायत की है। वहीं, पीड़ित पक्ष के वकील ने आरोपी को जमानत मिलने पर विरोध जताया। उनका कहना था कि अगर आरोपी को जमानत मिल जाती है तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। हालांकि, अदालत ने पीड़ित पक्ष की दलीलों को मानने से इनकार कर दिया। 
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