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'कल सतयुग आएगा तो ये जीवित हो जाएंगी' प्रिंसिपल मां ने दोनों बेटियों को मार डाला

Mon, 25 Jan 2021 02:38 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तूर

सार

  •  कुछ घंटे में कलयुग खत्म होने पर दोनों बेटियों के जिंदा होने का था अंधविश्वास, पुलिस ने किया गिरफ्तार
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आंध्र प्रदेश के चित्तूर में एक मां ने अपनी दो बेटियों को मारने के लिए डम्बल का इस्तेमाल किया - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश में एक दिल दहला देने वाली घटना में उच्च शिक्षित दंपती ने अंधविश्वास के चलते अपनी दो जवान बेटियों की बलि दे दी। चित्तूर जिले की इस घटना में मौत का शिकार होने वाली दोनों युवतियां अपनी उम्र के 20वें दशक में थीं। पुलिस ने सोमवार को बताया कि दंपती को अंधविश्वास था कि कुछ ही घंटे में कलयुग का अंत होकर सतयुग शुरू होने जा रहा है और इसके बाद उनकी बेटियां अध्यात्मिक शक्ति से दोबारा जिंदा हो जाएंगी। मृतक युवतियों में से एक मशहूर संगीतकार एआर रहमान की केएम म्यूजिक कंजरवेटरी की छात्रा थी। 

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मदनपल्ली के डीएसपी रवि मनोहरचारी के मुताबिक, दोनों युवतियों के पिता वी. पुरुषोत्तम ने रविवार रात को उनकी बलि देने के बाद खुद ही फोन पर अपने एक साथी को हत्या की जानकारी दी। घबराए साथी ने तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने दंपती के घर पहुंचकर उन्हें समाधि में बैठे हुए दबोच लिया। पुलिस को संदेह है कि परिवार पिछले कुछ समय से स्पष्ट रूप से कुछ गुप्त प्रथाओं का पालन कर रहा था। 

 

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मां ने की बेटियों की हत्या


डीएसपी रवि के मुताबिक, मां पद्मजा ने अपनी बेटियों को मौत के घाट उतारा था। एक बेटी को मारने से पहले उसका सिर मूंडा गया था। इस दौरान पति दर्शक की तरह मौत के इस खेल का गवाह बनकर खड़ा रहा। पहले छोटी बेटी साई दिव्या (22) की एक त्रिशूल से हत्या की गई। इसके बाद बड़ी बेटी अलेख्या (27) को एक डंबल से मारा गया। पुलिस को यह भी शक है कि पति-पत्नी दोबारा जिंदा होने के अंधविश्वास में खुद को भी मारने जा रहा थे, लेकिन पुलिस टीम के सही समय पर पहुंच जाने के कारण वे आत्महत्या को अंजाम नहीं दे सके। डीएसपी ने बताया कि मौके पर किसी तरह की तंत्र-मंत्र से जुड़ी पूजा के सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम की मदद ली गई है।

 

लाल कपड़े से ढकी हुई थीं लाशें

डीएसपी ने बताया कि आरोपी दंपती उच्च शिक्षित है। एमएससी, पीएचडी धारक वी. पुरुषोत्तम फिलहाल मदनपल्ली के सरकारी महिला डिग्री कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य है, जबकि उसकी पत्नी पद्मजा स्वर्ण पदक के साथ स्नातकोत्तर करने के बाद एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल व पत्रकार के तौर पर काम कर रही है। उनकी बड़ी बेटी अलेख्या भोपाल में पीजी की पढ़ाई कर रही थी, जबकि छोटी बेटी साई दिव्या एआर रहमान की एकेडमी से संगीत शिक्षा ले रही थी। दोनों युवतियां लॉकडाउन के कारण अपने माता-पिता के पास आई हुई थीं। 

पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि यह परिवार लॉकडाउन के दौरान से ही अजीब ढंग से बर्ताव करने लगा। रविवार रात को इस घर से चिल्लाने की आवाजें सुनने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी दंपती उन्हें घर के अंदर नहीं आने दे रहे थे। जैसे-तैसे पुलिस वाले अंदर गए और जो मंजर देखा, वह चौंकाने वाला था। एक लड़की की लाश पूजाघर में मिली तो दूसरी का शव एक कमरे में पड़ा था। दोनों ही शव लाल कपड़े से ढंके हुए थे।

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सतयुग आएगा और जीवित हो जाएंगी दोनों बेटियां

पुलिस का कहना है कि जब आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया जा रहा था, तब इस जघन्य अपराध के लिए दोनों के चेहरे पर बिल्कुल भी पछतावा न था। पुलिस ने जब उनसे इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियां सूरज उगने के साथ ही जीवित हो जाएंगी, क्योंकि ‘कलयुग’ खत्म हो जाएगा और सोमवार से ‘सतयुग’ शुरू हो जाएगा। दंपती को अपनी इस बात पर पूरी तरह से विश्वास था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी दंपती को हिरासत में लेकर मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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