केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फाइल)
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हैदराबाद का दौरा किया। अपनी यात्रा के दौरान वे भाग्यलक्ष्मी मंदिर पहुंचे। उसके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी किशन रेड्डी भी थे। इसके बाद उन्होंने राज्यभर से आए पार्टी के मंडल अध्यक्षों की एक बैठक की। इसमें उन्होंने कहा, हम जय-पराजय के लिए नहीं, देश और भारत माता के लिए चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) एक ‘डूबा हुआ जहाज’ है और राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस एक ‘डूबता हुआ जहाज’ है, जबकि भाजपा तेलंगाना का भविष्य है।
उन्होंने पार्टी के चुनाव चिह्न का जिक्र करते हुए कहा, आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। भाजपा को राज्य के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि यहां कम से कम 10 कमल खिलें।
इस दौरान शाह ने कहा कि कुछ लोग सोच रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद वह राज्य का दौरा क्यों कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह तब तक तेलंगाना का दौरा करते रहेंगे, जब तक राज्य में भाजपा की सरकार नहीं बन जाती। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कांग्रेस के भ्रष्टाचार को उजागर करने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनाव के बाद अमित शाह का यह पहला तेलंगाना दौरा है। तेलंगाना विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा लेकिन पार्टी दक्षिण के इस राज्य में पहले से बेहतर करने में सफल रही और पार्टी ने आठ विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की।
वोट शेयर बढ़ने से उत्साहित है भाजपा
तेलंगाना भाजपा के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने हाल ही में दावा किया था कि लोकसभा चुनाव में भाजपा तेलंगाना में दोहरे अंक में लोकसभा सीटें जीतेगी। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 19 प्रतिशत वोट शेयर के साथ तेलंगाना में चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। उल्लेखनीय है कि एक समय भाजपा तेलंगाना में बीआरएस की प्रमुख प्रतिद्वंदी पार्टी बनकर उभरी थी और भाजपा ने राज्य में कई उपचुनाव और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के चुनाव में जीत हासिल की थी। हालांकि विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन बहुत खास नहीं रहा। हालांकि भाजपा का वोट प्रतिशत पिछले विधानसभा चुनाव के 6.8 प्रतिशत वोट शेयर के मुकाबले करीब दोगुना बढ़कर 14 प्रतिशत हो गया है, जिससे भाजपा नेतृत्व उत्साहित है।