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Maharashtra: 'बजट की सभी योजनाएं स्थायी, रक्षाबंधन पर बहनों को उपहार', उद्धव के तंज पर CM शिंदे का पलटवार

Sun, 07 Jul 2024 08:50 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र)

सार

Maharashtra: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और सालाना 18,000 रुपये देने की योजना औऱ तीन सिलेंडर मुफ्त योजना बहनों को रक्षाबंधन का उपहार है। किसानों का बिजली का बिल माफ करने की योजना भी स्थायी है।
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सीएम एकनाथ शिंदे - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि राज्य के हालिया बजट में घोषित तीन मुफ्त सिलेंडर और महिलाओं के मासिक सहायता सहित सभी योजनाएं स्थायी हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं। इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे राज्य सरकार पर विधानसभा चुनाव से पहले 'मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना' के जरिए महिला मतदाओं को लुभाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया था कि यह योजना दो से तीन महीने के भीतर बंद हो जाएगी। 

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मुख्यमंत्री शिंदे ने क्या कहा
शिंदे ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और सालाना 18,000 रुपये देने की योजना औऱ तीन सिलेंडर मुफ्त योजना बहनों को रक्षाबंधन का उपहार है। किसानों का बिजली का बिल माफ करने की योजना भी स्थायी है। सभी (मौद्रिक) प्रावधान किए गए हैं। यह एक लंबे समय तक चलने वाली योजना है। 

राज्य सरकार ने इन योजनाओं का किया एलान
पिछले हफ्ते विधानसभा में बजट पेश किया गया था। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने राज्य के चुनावों से पहले रियायतों का एलान किया था। विधानसभा चुनाव अक्तूबर-नवंबर में होने की संभावना है।पवार ने मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना (महिलाओं को तीन मुफ्त सिलेंडर देने के मकसद से), मुख्यमंत्री युवा कार्यशिक्षा योजना, मुख्यमंत्री कृषि पंप योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री माझी लडकी बहन योजना (जिसमें 21-60 आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1500 रुपय का मासिक भत्ता मिलेगा) और महिलाओं को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने की योजना की घोषणा की। 
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उद्धव ठाकरे ने लगाया था ये आरोप
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा था, केंद्र अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के हितों को नुकसान पहुंचाए बगैर मराठा और अन्य समुदायों के लिए आरक्षण की सुविधा के लिए संसद में कानून पारित कर 50 फीसदी आरक्षण की सीमा बढ़ाए। उन्होंने कहा कि कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। यह चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को लुभाने की चाल है। ये योजनाएं केवल दो-तीन महीने के लिए हैं। उनकी (सत्तारूढ़ गठबंधन) सरकार वापस नहीं आएगी और अगर यह वापस भी आती है तो उसके बाद सभी योजनाओं को बंद कर दिया जाएगा।

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