अर्जुन की सफलता पर फिल्म स्टार ऋतिक रोशन ने कहा, अर्जुन की यह कहानी असाधारण है। उनका साधारण चीजों से आगे निकलने के बेजोड़ उत्साह और इच्छा ने उन्हें इस असाधारण सफलता हासिल करने में मदद की। मुझे पूरा भरोसा है कि वह आने वाली पीड़ियों को प्रेरित करेंगे और मैं एक अभियान के लिए स्क्रीन पर उनकी भूमिका निभाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।
सबसे युवा पर्वतारोहन का नया रिकॉर्ड
अर्जुन वाजपेयी ने जैसे ही कंचनजंघा की चोटी को फहत किया, उसके साथ ही वे 8 हजार मीटर से ऊंची 6 चोटियों को नापने वाले सबसे युवा पर्वतारोही बन गए। पूछने पर कहते हैं, मैं यह नहीं देखता कि रिकॉर्ड बन रहे हैं या नहीं। बस मैं तो अपना काम करता जाता हूं। कोशिश करूंगा कि दुनिया में जितने भी 8 हजार की ऊंचाई से अधिक वाली चोटियां हैं, उन्हें फतह करूं। अगर देशवासियों का आशीर्वाद रहा तो इस मुकाम को भी हासिल कर लूंगा।
| वर्ष |
चोटी |
ऊंचाई |
स्थिति |
| 2010 |
माउंट एवरेस्ट |
8,848 मीटर |
|
| 2011 |
माउंट ल्होत्से |
8,516 मीटर |
|
| 2011 |
माउंट मनास्लू |
8,163 मीटर |
आठवीं सबसे ऊंची चोटी |
| 2012 |
माउंट चोय |
8,201 मीटर |
दुनिया की छठी ऊंची चोटी |
| 2016 |
माउंट मकालू |
8,485 मीटर |
दुनिया की पांचवी सबसे ऊंची चोटी |
| 2018 |
कंचनजंघा |
8,586 मीटर |
दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी |
कंचनजंघा तो फतह कर लिया, अब अगला लक्ष्य पूछने पर अर्जुन कहते हैं, फिलहाल तो मैं थोड़ा आराम करना चाहता हूं। जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहता हूं। मां से मिलने की बड़ी इच्छा है। उनके हाथों का खाना खाने की चाहत है। कढ़ी-चावल बहुत पसंद है। फिर सोचेंगे कि आगे क्या करना है। लेकिन बातचीत के दौरान उनके मन की बात आखिरकार निकल ही आई। उनका अगला निशाला शीम पंग्म है। यह दुनिया की चौदहवीं सबसे ऊंची चोटी (8,027 मीटर) है। आपको बता दें अर्जुन मिशन के लिए 10 से 12 घंटा प्रतिदिन मेहनत करते हैं। कुछ दिनों बाद ही वे अगले मिशन के लिए जुट जाएंगे और इसी साल के सितंबर माह में इस पर फतह करने की कोशिश करेंगे।
इस अवसर पर नसीब पुरी, निदेशक, माउंटेन ड्यू, पेप्सिको इंडिया ने कह, माउंटेन ड्यू मानता है कि हमारे भीतर साधारण से आगे निकलने की क्षमता है। हम युवाओं को पर्वतों को पार करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश करते हैं जो हम सभी के भीतर है। अर्जुन से पहली मुलाक़ात करने के बाद से ही हम उनके सफ़र से प्रेरित हो गए - यह हमारे रिस्क उठा, नाम बना के उद्देश्य से मेल खाता है। हम उनकी अविश्वसनीय यात्रा का हिस्सा बनकर बेहद गौरन्वावित महसूस कर रहे हैं।
दुनिया की 10 चोटियां
| माउंट एवरेस्ट |
8,848 मीटर |
| के-2 (कंचनजंघा 2) |
8,611 मीटर |
| कंचनजंघा |
8,586 मीटर |
| ल्होत्से |
8,516 मीटर |
| मकालू |
8,485 मीटर |
| चोयु |
8,201 मीटर |
| धौलागिरी |
8,167 मीटर (दुश्वार मानी जाती है चढ़ाई) |
| मनास्लु |
8,163 मीटर |
| नंगा पर्वत |
8,126 मीटर (पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के गिलगिट बालटिस्तान में यह खड़ा है। नंगा पर्वत की चढ़ाई सबसे मुश्किल बताई जाती है। इसे कीलर माउंटेन भी कहा जाता है।) |
| अन्नापूर्णा |
8,091 (यह चोटी उत्तर मध्य नेपाल में है। माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने वाले अधिकतर पर्वतारोही पहले यहां चढ़ाई करते हैं।) |