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कोविड ई-पास की अनिवार्यता से चिंतपूर्णी में सन्नाटा

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चिंतपूर्णी मंदिर के प्रवेश द्वार पर पसरा सन्नाटा। वीरवार को मंदिर में बेहद कम संख्या में श्रद्ध? - फोटो : Una
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भरवाईं (ऊना)। हिमाचल में एंट्री के लिए कोविड ई-पास को अनिवार्य किए जाने के सरकार के आदेश के बाद वीरवार को चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं बेहद कम दिखे।
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बुधवार रात सरकार की ओर से ई-पास को लेकर जारी किए आदेश के बाद चिंतपूर्णी से रौनक गायब हो गई है। वीरवार को मंदिर परिसर पूरी तरह से खाली दिखा। मेन बाजार, पार्किंग स्टैंड, बस स्टैंड, दर्शन पर्ची स्थलों पर कोई श्रद्धालु नजर नहीं आया। मां के दरबार में श्रद्धालुओं के न आने से चिंतपूर्णी के दुकानदार भी सारा दिन ग्राहकों का इंतजार ही करते रह गए। धार्मिक क्षेत्र में पर्यटकों पर टिकी दुकानदारों और व्यापारी वर्ग की रोजी-रोटी को लेकर दुकानदारों को एक बार फिर चिंता सताने लगी है। पहले से बंदिशों के चलते सावन अष्टमी मेलों में भी कारोबार खास नहीं हुआ है। श्रद्धालुओं की कम संख्या के कारण कारोबार मंदा ही राह।
श्रावण अष्टमी मेले के दौरान डबल डोज वैक्सीन या कोविड निगेटिव रिपोर्ट मंदिर आने के लिए अनिवार्य थी। इस वजह से कम ही संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अब सरकार के नए आदेश मां के दर आने भक्तों के लिए गले की फांस बन गए हैं। इस निर्णय से चिंतपूर्णी के व्यापारी वर्ग प्रभावित हैं। वीरवार को चिंतपूर्णी मंदिर में पांच बजे तक मात्र 2700 श्रद्धालुओं ने ही माता रानी के दर्शन किए। यह सामान्य दिनों के मुकाबले बेहद कम है। कार्यकारी मंदिर अधिकारी रोहित जालटा ने बताया कि वीरवार को मां के दर श्रद्धालुओं की भीड़ नाममात्र थी। हो सकता है सरकार की बंदिशों के कारण भी श्रद्धालु की संख्या में कमी आई हो।
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