ऊना। जिले में खाद्य पदार्थों और भोजन का व्यवसाय करने के लिए जरूरी लाइसेंस की प्रक्रिया अब ऑनलाइन उपलब्ध है। लाइसेंस के लिए www.foscos.fssai.gov.in वेबसाइट पर आवेदन किया जा सकता है। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बुधवार को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत आयोजित जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि लाइसेंस का शुल्क ई-चालान के माध्यम से इसी वेबसाइट पर जाकर जमा करवाया जा सकता है। जिला ऊना में इस वर्ष 797 लाइसेंस विभाग ने प्रदान किए गए हैं। जबकि कुल 9388 दुकानदारों ने विभाग के साथ पंजीकरण करवाया है। बैठक में एडीसी ने कहा कि स्कूल में मिलने वाले मिड-डे-मील, राशन के डिपो संचालकों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा शराब ठेकों के लिए भी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। एडीसी ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए।
कहा कि अब तक खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्यालय ने जिला ऊना में खाद्य पदार्थों के 111 सैंपल लिए थे, जिनमें 15 मिस ब्रांडेड हो गए। चार सैंपल सब स्टैंडर्ड और दो असुरक्षित पाए गए। एफएसएस के तहत निर्धारित 29 मामलों पर कार्रवाई करते हुए एडीएम कोर्ट ने बीते एक साल में 2.38 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा ऊना जगदीश धीमान, डीएफएससी राजीव शर्मा, डीपीओ आईसीडीएस सतनाम सिंह, प्रधान व्यापार मंडल मोती लाल कपिला, महासचिव व्यापार मंडल रोहित शर्मा, कमल शर्मा व अन्य मौजूद रहे।
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लंगर के लिए लाइसेंस लेना जरूरी
लंगर अथवा भोग व प्रसाद प्रदान करने वाली सभी धार्मिक संस्थानों के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत लाइसेंस लेना आवश्यक है। एडीसी ने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर, बाबा बड़भाग सिंह, शीतला देवी मंदिर, शिवबाड़ी मंदिर, सदाशिव मंदिर के लाइसेंस एक माह के भीतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि डेरा बाबा रुद्रानंद मंदिर का भोग लाइसेंस बना दिया गया। उन्होंने सभी धार्मिक संस्थानों से एक माह के भीतर लाइसेंस के लिए आवेदन करने की अपील की।
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इस्तेमाल हुआ 421 लीटर तेल एकत्रित
एडीसी ने कहा कि मैसर्ज सूर्या एनवीरो कंपनी दुकानदारों से दो से अधिक बार प्रयोग किया हुआ खाद्य तेल 30 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से खरीद करेगी। ऊना से अभी 421 लीटर पुराना कुकिंग तेल एकत्रित किया गया है।