ऊना के कन्या स्कूल में कक्षा में बैठी छात्राएं
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ऊना। स्कूल खुलने के पहले दिन जिले में 50 प्रतिशत विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। इसके साथ आधे से ज्यादा विद्यार्थी कोरोना महामारी के डर से स्कूल नहीं पहुंच पाए।
स्कूल पहुंचने पर विद्यार्थियों को कोविड नियमों के तहत ही प्रवेश दिया गया। इस दौरान मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हैंड सैनिटाइजेशन का सख्ती से पालन किया गया। जिले में स्कूल खुलने के पहले दिन सिर्फ 5441 विद्यार्थियों ने ही कक्षा लगवाई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के सरकारी स्कूलों में 10वीं में 5142 छात्र हैं।
इसके अलावा जमा दो में 5738 विद्यार्थी हैं। करीब सवा महीने के बाद स्कूल खुलने पर दसवीं कक्षा में 2343 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। इसके अलावा जमा दो कक्षा में 3098 विद्यार्थियों ने स्कूल आकर कक्षाएं लगवाईं। सरकार के निर्देशों के अनुसार सप्ताह के पहले तीन दिन दसवीं और जमा दो की कक्षाएं लगेंगी। इसके अलावा वीरवार से शनिवार तक नवमी और जमा एक की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ शिक्षक अन्य विद्यार्थियों को भी स्कूल में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था और कोरोना से बचाव की तैयारियों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों से कोरोना का डर निकल सके।
वहीं शिक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई से धीरे-धीरे ऑफलाइन पढ़ाई की तरफ लेकर आएं। विद्यार्थी लंबे समय से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। इस संबंध में उच्च शिक्षा उपनिदेशक जनकराज ने बताया कि जिले के सभी स्कूलों में एसओपी के तहत विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। इसके साथ स्कूल प्रबंधकों ने विभागीय निर्देशानुसार माइक्रो प्लान तैयार कर विद्यार्थियों को कोविड से पूरी सुरक्षा दी। इसके साथ स्कूल में हैंड सैनिटाइज के लिए ऑटोमैटिक सैनिटाइजर मशीनें भी लगाई गई हैं।
ऊना के कन्या स्कूल में काफी समय बाद स्कूल खुलने पर बातचीत करती छात्राएं- फोटो : Una