संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त उपायुक्त के नोटिस के बावजूद जिला परिषद कैडर के कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। कई जगहों पर पंचायत प्रतिनिधि भी उनके समर्थन में आ गए हैं। धर्मपुर ब्लॉक के पंचायत प्रधान संगठन ने कर्मचारियों का समर्थन कर उनके साथ हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया। वहीं नालागढ़ में पहले ही पंचायत प्रतिनिधि कर्मचारियों को समर्थन दे रहे हैं। बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त सोलन ने नोटिस जारी कर सभी कर्मचारियों को वीरवार तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था लेकिन कर्मचारी वापस नहीं लौटे।
जिला परिषद कैडर के अधिकारी और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर हैं। इससे पंचायतों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसके चलते जिले की 246 पंचायतों में कार्य बंद पड़ा है। वे ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग में विलय करने की मांग कर रहे हैं। पंचायत संगठन विकास खंड धर्मपुर के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा कि जिला परिषद कैडर के अधिकारियों और कर्मचारियों की मांगें जायज हैं। ऐसे में वे भी इनके समर्थन में हड़ताल पर आ गए हैं। सरकार इनकी मांगों को जल्द पूरा करे।
जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों की हड़ताल से क्षेत्र की 77 पंचायतों के विकास कार्य रुक गए हैं। इसके अलावा जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर की नकल आदि नहीं मिल रही है। लोग अपने काम करवाने के लिए भटक रहे हैं। विधायक निधि, एमपी फंड, जिला परिषद, बीडीसी और पंचायत के तहत होने वाले सभी कार्य प्रभावित हो चुके हैं। तकनीकी सहायकों के हड़ताल पर जाने से विकास कार्यों के एस्टिमेट भी नहीं बन रहे हैं।
प्रधान परिषद के अध्यक्ष पुनीत कौशल ने बताया कि पंचायत सचिव के हड़ताल पर जाने से लोग जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं। पंचायतों में विकास कार्य रुक गए हैं। कुछ थोड़े बहुत कार्य चल रहे हैं, वह एक दो दिन में बंद हो जाएंगे। भाजपा के हरप्रीत सैणी ने कर्मचारियों का समर्थन किया। संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया कि जब तक इनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, संघर्ष जारी रहेगा।