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दावे फेल, मरीजों को चौथे दिन मिल रही टेस्ट की रिपोर्ट

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में तरंत रिपोर्ट मिलने के दावे हवा होते नजर आ रहे हैं। क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब के शुरू होने के बाद भी मरीजों की परेशानियां कम नहीं हो रही। लैब में मरीजों को सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट लेने के लिए तीन से चार दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे मरीजों का इलाज भी समय पर शुरू नहीं हो पा रहा है। हालांकि कंपनी ने शुरू में दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने का दावा किया था।
प्रदेश भर के अस्पतालों में एसआरएल लैब की जगह पिछले माह से क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब ने मरीजों को सेवाएं शुरू कर दी हैं। अस्पताल में क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब स्थापित नहीं होने से अभी सैंपल लेकर चंडीगढ़ भेजे जा रहे हैं।
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अस्पताल से रोजाना करीब 70 से 80 सैंपल लेकर परीक्षण के लिए लैब भेजे जा रहे हैं। कई मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस कारण मरीज परेशान हैं। अधिकतर समस्या दूरदराज के मरीजों को हो रही है। रिपोर्ट लेने के लिए उन्हें कई-कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जब तक रिपोर्ट नहीं मिलती, उनका इलाज भी शुरू नहीं हो पाता। अस्पताल प्रशासन भी इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल में सोलन ही नहीं बल्कि शिमला और सिरमौर के कई क्षेत्रों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों को कई बार अस्पताल में समस्या झेलनी पड़ रही है।
तीन दिन से रिपोर्ट लेने अस्पताल आ रही बुजुर्ग महिला
नारग की शीला देवी ने बताया कि वह तीन दिन से रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल आ रही हैं। रोजाना नारग से आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। सोमवार को भी बुजुर्ग महिला रिपोर्ट लेने के लिए सुबह ही क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब के बाहर बैठी रही। कई घंटे तक महिला को रिपोर्ट नहीं मिली थी।
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शनिवार को दिए थे खून के सैंपल
सिरमौर के विनय ने बताया कि वह शनिवार को अस्पताल में डायग्नोस्टिक लैब में खून के सैंपल देकर गए थे। कर्मचारी ने रविवार शाम तक ऑनलाइन रिपोर्ट आने की बात कही थी। सोमवार आधे दिन तक रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने कंपनी पर गुमराह करने के आरोप भी लगाए हैं।
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