परवाणू (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू के ईएसआई अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं है। इसके चलते अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटक गया है। अल्ट्रासाउंड मशीन भी छह महीने से खराब पड़ी है जिसे ठीक करवाने की प्रशासन जहमत नहीं उठा रहा।
मजबूरन मरीजों को निजी क्लीनिकों में महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं। इसके लिए उन्हें साथ लगते कालका या चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता है। यहां उनके पैसे और समय दोनों की बर्बादी होती है। ज्यादा परेशानी कामगारों को झेलनी पड़ रही है जिनका ईएसआई अस्पताल में अल्ट्रासाउंड निशुल्क होता है। निजी क्लीनिकों में 400 से 700 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
ईएसआई अस्पताल में परवाणू की करीब 15 हजार की आबादी इलाज के लिए पहुंचती है। अस्पताल में मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलना पा रही है। आपात स्थिति में अल्ट्रासाउंड करवाने के मरीजों को सोलन रेफर करना पड़ता है जबकि परवाणू से सोलन की दूरी 35 किलोमीटर है। पिछले छह महीने से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से मरीज भटकने को मजबूर हैं।
अस्पताल प्रशासन ने मशीन को करीब 10 साल पहले ही खरीदा था। जब मशीन को ठीक करने के लिए संबंधित कंपनी से संपर्क साधा तो उन्होंने मशीन ठीक करने के मना कर दिया। यहां से रेडियोलॉजिस्ट का भी टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए स्थानांतरण हो गया। इसके बाद से यहां पर ताला लटक गया है। (संवाद)
नई मशीन खरीदने के लिए भेेजा है प्रस्ताव
ईएसआई अस्पताल परवाणू के कार्यकारी अधिकारी डॉ. विनोद कपिल ने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन करीब छह महीने पहले खराब हो गई थी। कंपनी ने मशीन को ठीक करने से मना कर दिया है। इस बारे में आला अधिकारियों को बताया गया है। नई मशीन खरीदने का प्रस्ताव भेेजा है।