नालागढ़ वर्कशाप में हड़ताल में पीस मील कर्मचारियों को संबोधित करते हुए चालक यूनियन के प्रधान। स?
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सोलन/बद्दी। पथ परिवहन निगम के पीसमील कर्मचारियों की हड़ताल का असर आगामी दिनों में सोलन, परवाणू और नालागढ़ डिपो के रूटों पर पड़ सकता है। बसों की रिपेयर न होने से कई रूट प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि स्थिति को देखते हुए निगम के अधिकारी बसों की मरम्मत प्राइवेट मैकेनिक से करवा रहे हैं लेकिन यह लंबे समय तक नहीं चलेगा।
अगर पीसमील कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंच गई तो परिवहन निगम को बसें खड़ी करने पर मजबूर होना पड़ सकता है। सोलन मुख्यालय समेत परवाणू और नालागढ़ वर्कशाप में तीन दर्जन पीसमील वर्करों के दम पर वर्कशाप चल रही है।
इसके अलावा एक दर्जन के करीब निगम के अपना नियमित स्टाफ है। निगम के दो सौ अधिक रूट हैं जहां पर रोज बसें दौड़ रही हैं। ऐसे में बसों के रखरखाव की जरूरत पड़ती है लेकिन पिछले चार दिनों से पीसमील वर्कर टूल डाउन स्ट्राइक पर हैं। इससे बसों को समय पर मरम्मत नहीं हो रही है। निगम के अधिकारी निजी वर्कशाप में भी बसों की ठीक करवा रहे हैं लेकिन इससे कई रूटों की समयसारिणी प्रभावित हो रही है।
10 वर्षों से सेवाएं दे रहे पीसमील कर्मचारी
पीसमील कर्मचारी संघ के नालागढ़ इकाई के अध्यक्ष परमदत्त शर्मा ने बताया कि पीसमील कर्मचारी पिछले 10 सालों से लगातार काम कर रहे हैं लेकिन सरकार ने अभी तक उनके लिए कोई पॉलिसी नहीं बनाई है। 2017 तक पीसमील कर्मचारियों को अनुबंध पर लिया जाता रहा है लेकिन अब उसे बंद कर दिया गया। पीसमील कर्मचारी अनुबंध पर लेने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांग न तो मंत्री ही मान रहे हैं और न ही प्रबंधक। इससे उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ रहा है।
हड़ताल से निगम की बढ़ी समस्या
नालागढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक हरपाल सिंह ने बताया कि अभी तक रूट चला रखे हैं लेकिन हड़ताल लंबी चलने से कई रूटों के बंद होने की संभावना है। क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी सोलन डिपो शुगल सिंह ने बताया कि वर्तमान में सभी रूट चलाए जा रहे हैं लेकिन आगामी दिनों में स्थिति खराब हो सकती है। क्षेत्रीय प्रबंधक जोगिंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि परवाणू डिपो के सभी रूट दौड़ रहे हैं लेकिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।