फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : चिकित्सक बोले-बूस्टर डोज लगवाने से ही कोरोना के खिलाफ बढ़ेगी प्रतिरोधक क्षमता

विज्ञापन
amar ujala abhiyaan
विज्ञापन
सोलन। कोरोना के खिलाफ जंग जीतने के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगानी ही काफी नहीं हैं। बूस्टर डोज लगवाना भी जरूरी है। चिकित्सकों का दावा है कि बूस्टर डोज लगवाने से न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी बल्कि कोरोना का डर भी कम होगा। जिला में फ्रंट लाइन वर्करों समेत 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग बूस्टर डोज लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। वर्तमान में जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में 38 हजार लोगों को ही बूस्टर डोज लगी है। इसके चलते विभाग को लक्ष्य पूरा करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। वहीं विभाग ने टारगेट पूरा करने के लिए आशा वर्करों को जिम्मा सौंपा है। अब फ्रंट लाइन वर्करों के घरद्वार पर जाकर जागरूक करेंगी। वहीं बूस्टर डोज न लगाने वालों को फोन भी किए जा रहे हैं। अब तक जिले में वैक्सीन की 15 लाख 20 हजार डोज लोगों को लग चुकी हैं, लेकिन वर्तमान में भी रोजाना 40 से 50 युवा वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के लिए अस्पतालों में आ रहे हैं।
विज्ञापन

जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार जिले में हेल्थ केयर वर्करों में करीब 8,970 को पहली डोज और करीब 6,679 को दूसरी डोज लग चुकी है। इसी के साथ 4,990 ने बूस्टर डोज लगवा ली है। फ्रंट लाइन वर्करों में करीब 2,5778 को पहली, 19,234 को दूसरी डोज और 18,786 बूस्टर डोज लगवाने आगे आ चुके हैं। 15 से 18 आयु वर्ग में पहली डोज 41,246 और 35,765 को 28 दिन बाद दूसरी डोज लगी है। इसी तरह 12 से 14 वर्ष के 25,790 पहली और 19,442 स्कूली व अन्य बच्चे दूसरी डोज लगवा चुके हैं। वहीं 18 से 44 आयु में 4,62,224 ने पहली और 4,42,101 को दूसरी डोज लगी है। जबकि 45 से 60 वर्ष में करीब 1,37,152 को पहली और 1,36,886 लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। 18 से 59 आयु में केवल 1,202 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। 60 वर्ष के 60,583 ने पहली और 56,700 ने दूसरी और 14,990 ने बूस्टर डोज लगवाई है।
बढ़ी रोग प्रतिरोधक क्षमता
कोरोना से लड़ने के लिए एक मात्र सहारा वैक्सीनेशन है। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। जिला में अब तक जितने भी लोगों ने वैक्सीन लगवाई है उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी अच्छी हुई है। बूस्टर डोज से भी सुरक्षित है।
विज्ञापन

-डॉ. अमित रंजन तलवार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, सोलन
सुरक्षित है बूस्टर डोज
सरकार के आदेशों के अनुसार 18 आयु से अधिक लोगों को अस्पतालों में बूस्टर डोज लगाई जा रही है। फ्रंट लाइन वर्कर और 60 साल से अधिक लोगों को सरकारी अस्पतालों में बूस्टर डोज लग रही है। बूस्टर डोज पूरी तरह से सुरक्षित है। निजी अस्पतालों में भी बूस्टर डोज लग रही है। लोगों से आग्रह है कि कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज भी समयानुसार लगवा लें। अब सरकार ने दूसरी डोज के छह माह बाद ही बूस्टर डोज लगाने का निर्णय लिया है।
-डॉ. गगन, वैक्सीनेशन अधिकारी
कॉलेज में भी किया जागरूक
कोरोना वैक्सीन के लाभ को देखते हुए कॉलेज में भी टीकाकरण के लिए जागरूक किया। धर्मपुर कॉलेज में जागरूकता शिविर लगाया जिसमें कोरोना वैक्सीन लगाने के बारे में विद्यार्थियों को बताया गया। बताया कि वैक्सीन लगाने से हम ही सुरक्षित नहीं होते है बल्कि हमारा परिवार भी सुरक्षित होता है। अब सरकार ने बूस्टर डोज लगाने के लिए भी समय को कम कर दिया है। सभी को बूस्टर डोज लगवानी चाहिए।
अंकुर सूद, प्रोफेसर, वाणिज्य, डिग्री कॉलेज सोलन
इनसेट
अब तक लगवाई 25,000 लोगों को वैक्सीन
हमारी हेल्पेज इंडिया संस्था की सोलन इकाई ने जिलाभर में कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन अभियान चलाया। जिलाभर में करीब 25,000 लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए न केवल प्रेरित किया बल्कि जगह-जगह कैंप लगवाकर उन्हें टीके भी लगवाए गए। लोगों से अपील है कि न केवल कोरोना की दोनों डोज लगवाएं बल्कि बूस्टर डोज भी जरूर लगवाएं ताकि कोरोना से खिलाफ जंग जीती जा सके।
विज्ञापन

-मनोज, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी हेल्पेज इंडिया संस्था
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें