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नालागढ़ में भाजयुमो ने पूर्व विधायक पर फोड़ा हार का ठीकरा, जिलाध्यक्ष व मंडलाध्यक्ष से मांगें इस्तीफे

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भाजयुुमो के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने पूर्व विधायक को बताया हार का कारण, बोले, चाटुकारों से घिरे रहे केएल ठाकुर
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जिला अध्यक्ष और मंडल अध्यक्ष दें इस्तीफा
अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)।
विधानसभा चुनाव में भाजपा को नालागढ़ में मिली हार पर अब घमासान शुरू हो गया है। भाजयुमो नेताओं ने हार के लिए सीधे तौर पर पूर्व विधायक एवं प्रत्याशी केएल ठाकुर को जिम्मेदार ठहराया है। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि नालागढ़ में पार्टी की वजह से पूर्व विधायक की हार नहीं हुई है बल्कि पूर्व विधायक की कार्यशैली की वजह से पार्टी हारी है। पूर्व विधायक अपने ही वार्डों में पिछड़ गए और पिछले विस चुनाव की अपेक्षा मत भी घटे हैं।
जिले की पांच में से दो सीटें ही भाजपा की झोली में आई हैं और पार्टी की हार का असली आत्म विशलेषण करना चाहिए न कि कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराना चाहिए। इसके लिए जिला अध्यक्ष और मंडल अध्यक्ष को नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजयुमो के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं पूर्व भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सौरभ धीमान ने नालागढ़ में प्रेसवार्ता कर यह आरोप लगाए। धीमान ने कहा कि नालागढ़ भाजपा मंडल की बैठक में कार्यकर्ताओं को अब उनके पदों से हटाया जा रहा है। लेकिन वास्तविकता यह है कि पिछले पांच सालों में कार्यकर्ताओं को अधिमान ही नहीं दिया गया। पूर्व विधायक का एक जाति विशेष की ओर ही ध्यान रहा।
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पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सती ने पहले भी मंडल द्वारा किए निष्कासनों को रद्द कर दिया था। सख्त हिदायत जारी की थी कि किसी भी कार्यकर्ता के निलंबन की सिफारिश गोपनीय आधार पर पार्टी को करें। जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक केएल ठाकुर, मंडल अध्यक्ष बलदेव ठाकुर के साथ मिलकर निष्कासन को सार्वजनिक किया है जोकि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष के आदेशों की अवहेलना और पार्टी की अनुशासनहीनता है। इस दौरान उनके साथ राहुल वर्मा, कुलदीप चौधरी, सौरव शर्मा और अंकुश जैन भी मौजूद रहे।

अति विश्वास भी बना हार का कारण
सौरभ धीमान ने कहा कि पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष केएल ठाकुर चाटुकारों से घिरे रहे और उस दायरे से बाहर नहीं निकले। इन्हीं चाटुकारों ने पूर्व विधायक को 10 हजार से अधिक मतों से जीत सुनिश्चित बताई थी। इसी अति विश्वास के कारण पूर्व विधायक हार गए। पूर्व विधायक स्व. हरिनारायण सैणी परिवार को भी अधिमान नहीं दिया गया। इस परिवार के सदस्यों को पार्टी की बैठकों में आमंत्रित नहीं किया जाता था।
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हार की समीक्षा कर रहे हैं : केएल ठाकुर
भाजपा के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक केएल ठाकुर ने कहा कि पार्टी को संगठित करने का प्रयास किया है और कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि हार के कारणों की समीक्षा की जा रही है और पार्टी को फिर से मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं से तालमेल बैठाने के प्रयास होंगे।
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