पांवटा साहिब (सिरमौर)। ऐतिहासिक प्राचीन श्री देई साहिबा मंदिर पांवटा साहिब में कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) योजना के तहत पार्क पर निर्माण होना है। पिछले चार वर्षों से अधर में लटकी योजना के शुरुआती दौर में गेट बनाया जा रहा है। प्रस्तावित योजना की रूपरेखा अनुसार कार्य पूरा होने पर प्रदेश के प्रवेश द्वार पर बेहतरीन पार्क तैयार हो सकेगा।
बता दें कि करीब चार वर्ष पहले तत्कालीन जिलाधीश सिरमौर और आयुक्त देईजी साहिबा मंदिर न्यास ललित जैन ने प्राचीन मंदिर भूमि पर बेहतरीन पार्क, बच्चों के मनोरंजक स्थल, सौर पैनल स्थापित कर मंदिर न्यास की आय बढ़ाने की योजना तैयार की थी ताकि प्राचीन देईजी साहिब मंदिर भूमि की करीब 162.09 बीघा भूमि को अतिक्रमण से बचाया जा सकें।
योजना के तहत हिमाचल-उत्तराखंड राज्य सीमा के प्रवेश द्वार यमुनापुल के समीप मंदिर भूमि पर बेहतरीन पार्क, प्रवेश द्वार, कैफेटेरिया बनाने की योजना तैयार की गई थी। इसके बाद महाप्रबंधक उद्योग विभाग सिरमौर की टीम ने आर्किटेक्ट के साथ प्रस्तावित पार्क योजना स्थल पर जायजा लिया था। सीएसआर योजना के तहत इसका कार्य को 31 मार्च 2019 तक पूरा करवाने का लक्ष्य भी रखा गया था, लेकिन कार्य अधर में लटकता गया।
पिछले दो वर्ष से कोरोना महामारी के चलते दिक्कतें आती रही हैं। अब सीएसआर योजना को तिरुपति ग्रुप के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक गेट निर्माण का कार्य ही शुरू हो सका है। चार वर्ष पहले सीएसआर के तहत तैयार इस प्रस्तावित योजना में देहरादून-पांवटा एनएच-7 की तरफ से बेहतरीन प्रवेश द्वार, कैफेटेरिया, सेल्फी प्वाइंट, योगा प्लेटफार्म, शौचालय, वर्षाशालिका, कूड़ेदान, पैदल पार्क में चलने के लिए पॉथ, वाटर स्प्रिंक्लिर, म्यूजिकल फाउंटेंस, बच्चों के मनोरंजन स्थल, बाउंड्री वाल, हरी घास, फूल-पौधे, हाई मास्ट लाइटें लगाने का प्रावधान रखा गया था।
एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन का कहना है कि सीएसआर योजना के तहत कंपनी कार्य कर रही है। इस योजना के तहत गेट का निर्माण कार्य किया जा रहा है।