ददाहू (सिरमौर)। गत वर्ष दो आतंकवादियों को ढेर करने के बाद शहीद हुए धारटीधार क्षेत्र के युवा सैनिक प्रशांत सिंह ठाकुर को शौर्य पुरस्कार से नवाजा गया है। 15 अगस्त को केंद्र सरकार ने शौर्य पुरस्कार प्रदान करते हुए उनके अदम्य साहस की सराहना की।
सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक मेजर दीपक धवन ने शहीद प्रशांत सिंह ठाकुर को सेना मेडल से नवाजे जाने की पुष्टि की है। शहीद को शौर्य पुरस्कार से नवाजे जाने को लेकर पूर्व सैनिक संगठन की धारटीधार इकाई ने केंद्र सरकार का आभार जताया। बीते वर्ष 20 अगस्त को शहीद प्रशांत ठाकुर की पार्थिव देह का पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। धारटीधार क्षेत्र के ठाकर गुवाना के शहीद प्रशांत सिंह ठाकुर 17 अगस्त 2020 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में दो आतंकवादियों को ढेर करने के बाद शहीद हो गए।
शहीद की शहादत को पूरा धारटीधार क्षेत्र आज तक भूला नहीं पाया है। शहीद को मरणोपरांत शौर्य पुरस्कार (सेना मेडल) से नवाजे जाने से पूरे धारटीधार क्षेत्र में खुशी का माहौल है। शहीद के छोटे भाई विशाल ठाकुर ने बताया कि उनके बड़े भाई शहीद प्रशांत सिंह ठाकुर की पुण्यतिथि को भी बडे़ सम्मान और हर्षोल्लास के साथ मनाया, इसमें भूतपूर्व सैनिक संगठन की धारटीधार इकाई के अध्यक्ष जेएस नेगी, मुख्य सलाहकार पीएस भंडारी, महासचिव महेंद्र सिंह, सहायक सचिव परविंदर सिंह और ज्ञान सिंह समेत क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं, मुठभेड़ मे भी दो आतंकवादियों को ढेर करने के बाद खुद शहीद हुए थे। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश सरकार से डिग्री कॉलेज ददाहू का नाम भी शहीद प्रशांत सिंह ठाकुर के नाम पर रखने की भी मांग की है।