एमएसीटी कपिल शर्मा ने सुनाया फैसला, साल 2022 में बाइक सवार गुरमीत को कार चालक ने मारी थी टक्कर
परिजनों ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार, बीमा कंपनी को भुगतान करने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मौत पर मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने मृतक की पत्नी और बच्चे को 47,95,937 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि गुरुग्राम स्थित एचडीएफसी बैंक मोटर कम पॉलिसी इंश्योरेंस (बीमा कंपनी) को भुगतान करनी होगी। साथ ही याचिका दायर करने की तिथि से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा। मृतक गुरमीत सिंह एक इंश्योरेंस कंपनी में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थे।
एमएसीटी कपिल शर्मा ने यह फैसला सुनाया है। यह दुर्घटना 7 दिसंबर 2022 को पांवटा साहिब क्षेत्र के महबूब डेंटिंग एंड पेंटिंग शॉप के पास हुई थी। गुरमीत सिंह अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर बातापुल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान भूपपुर की ओर से आ रही कार ने मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी। गुरमीत सिंह के सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद उन्हें सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हिमालयन अस्पताल देहरादून रेफर किया गया। चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इस दौरान पांवटा साहिब थाना पुलिस ने चालक के खिलाफ लापरवाही और एमवी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। साथ ही मृतक की पत्नी सुरजीत कौर और बेटे उदय प्रीत सिंह ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में गुहार लगाई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अंदरूनी चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया। सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि दुर्घटना के समय वाहन बीमित था और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था। न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को वाहन मालिक को क्षतिपूर्ति देने का निर्देश देते हुए मुआवजा राशि जमा कराने का आदेश दिया। साथ ही मुआवजे की राशि याचिकाकर्ताओं के बीच बराबर हिस्सों में बांटी जाएगी।
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