एसएफआई इकाई रामपुर के कार्यकर्ता रामपुर कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपते हुए
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रामपुर बुशहर। एसएफआई रामपुर इकाई ने राष्ट्रीय कमेटी के आह्वान पर नई शिक्षा नीति 2020 और कॉलेज की समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज में फिजिक्स का एक भी शिक्षक नहीं है और कई अन्य समस्याओं से भी छात्र परेशानियां झेलने को मजबूर हैं।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए इकाई सचिव अमन नेगी ने कहा कि एसएफआई बीते लंबे समय से कॉलेज परिसर में बस पास काउंटर लगाने की मांग कर रही है लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। कॉलेज में बस पास काउंटर न होने से छात्रों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इकाई ने कॉलेज में शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने की मांग उठाई है।
कॉलेज में फिजिक्स का कोई भी शिक्षक नहीं है, जिससे छात्रों का भविष्य राम भरोसे है। लोकल कमेटी सचिव योगेंद्र ने कहा कि किस तरह से केंद्र सरकार कोरोनाकाल में आम छात्र और जनता के बीच नई शिक्षा नीति की बात किए बिना नई शिक्षा नीति का दस्तावेज पेश किया जाता है।
हिमाचल में सबसे पहले नई शिक्षा नीति को लागू किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति के अंदर आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ मर्ज करने, गांव के अंदर छोटे-छोटे स्कूलों को बंद करके एक मॉडल स्कूल शुरू करने की बात की गई है। इसकी वजह से गांव के पहाड़ी क्षेत्रों में 3 साल के छोटे बच्चों को स्कूल तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। नई शिक्षा नीति निजीकरण, केंद्रीकरण और भगवाकरण को बढ़ावा देगी और नीति के तहत निजी स्कूल फीस निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
प्रदर्शन के अंत में परिसर अध्यक्ष प्रतुल नेगी की अध्यक्षता में इकाई ने कॉलेज प्रशासन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि लगातार कॉलेज प्रशासन छात्रों के मुद्दों और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया जा रहा है। इकाई ने चेताया कि अगर इसी तरह कॉलेज प्रशासन छात्रों की मांगों को दबाने की कोशिश करेगा, तो इकाई परिसर में उग्र आंदोलन करेगी। इस मौके पर योगेंद्र ठाकुर सहित इकाई के कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।