भावानगर (किन्नौर)। जिले में परियोजनाओं के अंधाधुंध निर्माण और भारी विस्फोटों से किन्नौर के अस्तित्व पर ही खतरा मंडरा गया है। आए दिन होने वाले हादसों से खौफजदा जिले के लोगों ने अब सरकार से परियोजनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने की गुहार लगाई है। लोगों का कहना है कि विकास के लिए वह अभी तक बहुत कुछ गंवा चुके हैं। मगर अब उन्हें सुरक्षित जीवन जीने के लिए प्रोजेक्टों और पर्यावरण को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण से निजात चाहिए। इसको लेकर अमर उजाला ने उनकी राय जानी तो उन्होंने सरकार ने प्रोजेक्टों और भारी ब्लास्टिंग पर फौरन रोक लगाने की गुहार लगाई
भारी विस्फोटक सामग्री न हो इस्तेमाल : सत्यजीत
पर्यावरण संरक्षण समिति जिला किन्नौर अध्यक्ष सत्यजीत नेगी ने बताया कि जिले में विद्युत परियोजनाओं का निर्माण नियमों के विपरीत हुआ है। सरकार के नियमों की इसमें पालना नहीं की गई। निजी कंपनियों ने परियोजना निर्माण के दौरान भारी विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया है, जिसका खामियाजा जिले के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। दर्जनों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
भूस्खलन के लिए परियोजनाएं जिम्मेदार : जियालाल नेगी
हिमलोक जागृति मंच किन्नौर अध्यक्ष जिया लाल नेगी ने बताया कि जनजातीय जिला काफी संवेदनशील है। जिले में अत्यधिक विद्युत परियोजनाओं का निर्माण होना भूस्खलन की सबसे बड़ी वजह है। वर्षों पूर्व भूस्खलन की छिटपुट घटनाएं होती थी, लेकिन अब जगह-जगह भूस्खलन की चपेट में लोग आ रहे हैं।
परियोजना के साथ जितनी भी छेड़छाड़ करेंगे
हांगरंग संघर्ष समिति अध्यक्ष शांता नेगी ने बताया कि जिले की भौगोलिक स्थिति काफी विकट है, जिसे देखते हुए परियोजनाओं के निर्माण पर रोक लगाई जानी चाहिए। प्रकृति के साथ हम जितनी छेड़छाड़ करेंगे, उतने ही दुष्परिणाम हमें भुगतने होंगे।
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भारी ब्लास्टिंग से खतरे में किन्नौर : हितेश नेगी
जिला परिषद सदस्य हितेश नेगी ने कहा कि जिले के चौरा से लेकर समदू तक एनएच को चौड़ा करते समय अंधाधुंध भारी ब्लास्टिंग की गई है। इस कारण जगह-जगह पहाड़ों को नुकसान पहुंचा है। नतीजन दर्जनों स्थानों पर पहाड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। भारी विस्फोटक से जिले के पहाड़ दरक रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि एनएच के साथ लगते पहाड़ों की ड्रोन से जांच की जानी चाहिए और संवेदनशील स्थानों पर उचित सुरक्षा कदम उठाए जाएं।
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परियोजनाओं के निर्माण पर लगे पाबंदी
परियोजनाओं के खिलाफ चलाया अभियान
स्वाति नेगी और प्रतिभा नेगी ने बताया कि किन्नौर जिले ने देश की आर्थिक उन्नति में अपना अहम योगदान दिया है। जिले में अब विद्युत परियोजनाओं के निर्माण पर पूरी तरह से पाबंदी लगा देनी चाहिए, ताकि जिले के हजारों लोग सुरक्षित परिवेश में अपना जीवन यापन कर सकें। जिले के लोगों ने ‘नो मिन्स नो’ अभियान के तहत परियोजना निर्माण के खिलाफ अभियान चला रखा है।
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बिना बारिश पहाड़ों का दरकना खतरनाक : राधिका नेगी
रिब्बा पंचायत की प्रधान राधिका नेगी ने बताया कि परियोजनाओं के अंधाधुंध निर्माण के कारण किन्नौर में आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके साथ ही जिले की जलवायु में भी परिवर्तन हो रहा है। इसलिए किन्नौर में परियोजनाओं के निर्माण पर रोक लगनी चाहिए। इसके लिए लोगों को जागरूक होकर एकजुट होना होगा। बिना बारिश के पहाड़ों का दरकना जिले के लोगों के लिए खतरनाक संकेत है।