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Rampur Bushahar News: लोस चुनाव में दोनों दलों के रूठों को मनाना रहेगी चुनौती

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आनी विस क्षेत्र में भाजपा-कांग्रेस के बीच है कांटे की टक्कर
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हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। प्रदेश में भी बागियों की घर वापसी की जा रही है। आनी विस क्षेत्र में प्रदेश कांग्रेस ने बागी उम्मीदवार परस राम को कांग्रेस परिवार में वापसी करवा दी है, वहीं भाजपा के बागियों की घर वापसी की भी पूरी संभावनाएं बताई जा रही हैं। सियासी हलचलों के बीच अब भी धीरे-धीरे राजनतिक समीकरण भी बदलने शुरू हो रहे हैं। एक ओर जहां मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को टिकट देकर सरगर्मियां तेज कर दी हैं। वहीं, कांग्रेस से भी वर्तमान सांसद प्रतिभा सिंह का चुनाव मैदान में उतरना तय माना जा रहा है। ऐसे में मंडी संसदीय क्षेत्र की सीट बेहद हॉट सीट मानी जा रही है, क्योंकि एक ओर जहां पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का मंडी गृह क्षेत्र है और अकेले मंडी जिले से ही भाजपा के नौ विधायक जीते हुए हैं, वहीं कांग्रेस से सांसद प्रतिभा सिंह की उपचुनाव में भाजपा सरकार रहते भी विजयी हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है।
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विस चुनावों की बात करें तो आनी विस क्षेत्र से भाजपा और कांग्रेस दोनों बड़े दलों से बागी उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे थे, जिसमें कांग्रेस के बागी परस राम को 17355 मत पड़े थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार बंसीलाल को 14224 मत मिले। भाजपा की बात करें तो विधायक लोकेंद्र कुमार को 24133 मत, जबकि भाजपा के बागी उम्मीदवार किशोरी लाल सागर को 6893 मत पड़े थे। दोनों के मतों का यदि योग करें तो करीब पांच सौ मतों का पलड़ा कांग्रेस का भारी रहा, जबकि पूर्व में हुए लोस उपचुनाव की बात करें तो आनी से प्रतिभा सिंह को 7400 मतों की लीड मिली थी, जो प्रतिभा सिंह की जीत के लिए अहम मानी गई थी, लेकिन विस चुनाव में दोनों दलों के बीच बदले समीकरणों के बाद अब दोनों दलों के बीच कहना मुश्किल है कि आनी विस क्षेत्र की जनता किसे लीड देगी। क्योंकि एक ओर जहां आनी विस क्षेत्र से भाजपा के विधायक बने हैं, वहीं भाजपा मोदी के नाम से ही वोट मांग रही है। कांग्रेस में बागियों की घर वापसी से कांग्रेस मजबूत हुई है। इसपर भी सभी की नजरें रहेगी। बहरहाल दोनों दलों के बागियों की घर वासपी के साथ-साथ सभी रूष्टों को दिल से मनाना दोनों ही दलों के लिए चुनौती से कम नहीं है। - संवाद
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