रामपुर बुशहर। मांगों को लेकर कॉलेज प्राध्यापकों ने भी प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एचजीसीटीए प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर सोमवार को रामपुर महाविद्यालय के प्राध्यापक भी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। सुबह 10:00 से शाम 5:00 बजे तक कॉलेज के करीब 12 प्राध्यापक भूख हड़ताल पर बैठे। इसमें इकाई सचिव शिवाली ठाकुर, राजेश नेगी, आशा गर्ग, जितेंद्र साहनी, अनिता, प्रियंका ठाकुर, सुरेखा नेगी, अजेंद्र नेगी और राजन नेगी सहित अन्य प्राध्यापक शामिल हैं। इस कारण कॉलेज में पढ़ाई न के बराबर ही हुई।
इकाई अध्यक्ष कैप्टन संदीप ठाकुर की अगुवाई में कॉलेज के प्राध्यापकों ने भूख हड़ताल का समर्थन किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से यूजीसी का सातवां पे कमीशन जल्द लागू करने, एमफिल, पीएचडी की इंक्रीमेंट तुरंत बहाल करने और अनुबंध अवधि को सेवाकाल में जोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षक बीते दो सप्ताह से मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं लेकिन सरकार और मंत्रियों से उन्हें केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं जबकि धरातल पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंजाब सरकार द्वारा सातवां पे कमीशन लागू न करने का हवाला दे रही है, जबकि यूजीसी दिल्ली की सिफारिश के आधार पर कार्य करती है और शिक्षकों का 50 प्रतिशत वेतन यूजीसी से जारी होता है। उन्होंने कहा कि एमफिल, पीएचडी इंक्रीमेंट सरकार ने 2013-14 में बंद कर दी है, जो तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी के चलते आज शिक्षक आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं, जबकि हजारों विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम लटके हुए हैं। इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने चेताया कि अगर सरकार और अधिकारी वर्ग प्राध्यापकों की मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है तो, 24 से 30 मई तक कॉलेज में दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक गेट मीटिंग और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी सरकार का यही रवैया रहा तो शिक्षक क्रमिक अनशन पर जाने को मजबूर होंगे।