जिले में तापमान लुढ़कने से नालों का पानी लगा जमने, ठंड का बढ़ा प्रकोप
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले में लगातार ठंड बढ़ने के साथ-साथ सूखा पड़ने से किसान और बागवान अपने बगीचों में काम नहीं कर पा रहे हैं। किन्नौर जिले में तापमान में भारी गिरावट आने से नालों में पानी जमना शुरू हो गया है। तापमान लुढ़कने से जिले में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। किन्नौर जिले में किसान खेती करने के लिए लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बारिश न होने से उनके कार्य ठप पड़े हैं। जिले में किसान अपने खेतों में दो बार बिजाई करते हैं। मौसम के अनुसार, बारिश के बाद ही यह कार्य किया जा सकता है। जिले में पूरी तरह सूखा पड़ा हुआ है और जमीन से नमी गायब है। इस कारण किसान और बागवान जमीन में नमी न होने से बिजाई व अन्य कार्य जैसे स्प्रे नहीं कर पा रहे हैं। किन्नौर जिले के कल्पा के किसान राम नेगी, कुलदीप नेगी और दीपक नेगी ने बताया कि नवंबर और दिसंबर माह में बिजाई कार्य किया जाता है, लेकिन बारिश न होने से उनके कार्य में बाधा आ रही है। बारिश न होने की वजह ग्लोबल वार्मिंग है और समय-समय पर बारिश-बर्फबारी न होने से किसान-बागवानों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ता है। ठंड भी बढ़ते जा रही है और धीरे-धीरे खेतों में कार्य करना भी कठिन हो जाता है। इस कारण सभी किसान परेशान हैं।
लोगों की मदद के लिए विभाग तैयार
वन विभाग में उप वन संरक्षक अरविंद कुमार का कार्यभार संभाल रहे डीएफओ सराहन अशोक नेगी ने बताया कि जिले के क्षेत्रों में सूखे के कारण होने वाले समस्या को लेकर विभाग ने पूरी तरह तैयारी कर ली है। वहीं, कहीं आग की घटना का मामला आता है, तो आईटीबीपी और सेना की मदद से जल्द सहायता की जाएगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि लोग जंगलों में घास के लिए आग लगाने से परहेज करें, ताकि वन में रह रहे जीवों को भी हानि न पहुंचे।