रिकांगपिओ (किन्नौर)। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को किन्नौर जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान रिकांगपिओ में 77 करोड़ रुपये लागत के 31 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण किए। पांच दिवसीय जनजातीय नृत्य प्रतियोगिता और क्राफ्ट मेले के शुभारंभ अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष को पूर्ण राज्यत्व के स्वर्णिम जयंती वर्ष के रूप में मना रही है।
केंद्र सरकार ने इस बडे़ समारोह को आयोजित करने के लिए 30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस अवसर पर लगाई प्रदर्शनी जनजातीय हथकरघा और हैंडलूम बुनकरों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एक मंच है। उन्होंने कहा कि किन्नौर अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। आज हमें प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को सहेजने और संरक्षित करने की आवश्यकता है। प्रदेश ने कोरोना टीकाकरण की पहली खुराक प्रदान करने में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है और किन्नौर जिला इसमें अग्रणी रहा है।
किन्नौर वैक्सीन की दूसरी खुराक प्रदान करने में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने वाला देश का प्रथम जिला बना है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय ठाकुर सेन नेगी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह न केवल एक महान प्रशासक और नेता थे बल्कि जनजातियों संस्कृति के प्रमुख संवाहक भी थे। उन्होंने कहा कि यहां स्थापित संग्रहालय को और सुदृढ़ करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी भी इसी क्षेत्र से संबंध रखते हैं। उन्होंने प्रशासनिक कार्य प्रणाली को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी का एक पद सृजित करने की घोषणा की।
इसके अतिरिक्त उन्होंने शोब्रांग में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने, ग्राम पंचायत सुगरा में पशु औषधालय स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भावानगर का दर्जा बढ़ाकर इसे नागरिक अस्पताल करने और राजकीय उच्च पाठशाला पानवी को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पटवार वृत्त कनम को तहसील पूह से हटाकर तहसील मुरंग के अधीन लाया जाएगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय ठाकुर सेन नेगी संग्रहालय का लोकार्पण किया।
उन्होंने अग्निशमन के दो वाटर टेंडर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य वन निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए इस जनजातीय जिले में करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए आभार व्यक्त किया। प्रधान सचिव राजस्व और जनजातीय विकास ओंकार शर्मा ने कहा कि यह मेला संयोग से आजादी के 75 वर्ष के अमृत महोत्सव के दौरान आयोजित किया जा रहा है और भारत सरकार का जनजातीय कार्य मंत्रालय जनजातीय क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को संरक्षित करने का प्रयास कर रहा है।
उपायुक्त किन्नौर और अध्यक्ष मेला समिति आबिद हुसैन सादिक ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य गण्यमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी, पूर्व विधायक तेजवंत नेगी, अध्यक्ष जिला परिषद निहाल चारस, एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल और किन्नौर जिला के पुलिस अधीक्षक अशोक रतन सहित अन्य लोग उपस्थित थे।