गोहर में हींग के पौधों को निरीक्षण करते आईएचबीटी की टीम और विभागीय अधिकारी।
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गोहर(मंडी)। औषधीय गुणों से भरपूर हींग की खेती अब भारत में भी होने लगी है। हिमाचल प्रौद्योगिक संस्थान (सीएसआईआर) पालमपुर के सौजन्य से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हींग के पौधों का ट्रायल किया गया। जिसमें संस्थान को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
विषयवाद विषेषज्ञ डॉ. धर्म चंद चौहान ने बताया कि बीते वर्ष मंडी जिला के गोहर विकास खंड के अंतर्गत घ्याहण गांव में करीब 146 पौधों को ट्रायल के तौर पर लगाया गया था। जिसको लेकर वैज्ञानिकों की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि हींग के पौधों की जड़ों में बेहतर विकास हुआ है। जड़ों का विकास लगभग 20 इंच तक पहुंच गया है जो कि हिमाचल ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। भारत हींग का बड़ा आयातक है।
हींग के लिए अब तक भारत दूसरे देशों पर निर्भर रहा है लेकिन इसे लेकर अच्छी खबर आई है। हींग उत्पादन के इस सफल ट्रायल से अब किसानों की आर्थिकी में बदलाव आ सकता है। वहीं आई एचबीटी की वैज्ञानिक टीम ने बताया कि मंडी जिला हिमाचल हींग की खेती के लिए उपयुक्त माना गया है।
उन्होंने बताया कि भारत में हींग का उपयोग अधिक है लेकिन उत्पादन नहीं होने से भारत पूरी तरह से दूसरे देशों पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि सरकार गरीब किसान व बागवान की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से वाणिज्यिक फसलों के नए नए शोध व प्रसार की कोशिश की जा रही है।