एसडीएम कार्यालय जोगिंद्रनगर में अविश्वास प्रस्ताव पर आयोजित बैठक में विजय चिन्ह बनाकर खुशी जाह?
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। नगर परिषद जोगिंद्रनगर में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है।
एसडीएम कार्यालय में भाजपा के दो पार्षदों के साथ आजाद पार्षद और एक कांग्रेस समर्थित पार्षद ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ वोटिंग कर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इससे अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी छिन गई। अब नए सिरे से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन के लिए उपायुक्त के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।
नगर परिषद के कर्मचारियों और अधिकारियों की मौजूदगी में मतदान की औपचारिकताओं को एसडीएम डॉ विशाल. शर्मा ने पूरा किया। उन्होंने उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव प्रेषित किया है। नगर परिषद जोगिंद्रनगर में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ पारित अविश्वास प्रस्ताव में भाजपा पार्षदों को कोई लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। नये अध्यक्ष की ताजपोशी पर आजाद पार्षद जबकि उपाध्यक्ष पद के कांग्रेस समर्थित पार्षद का नाम सुर्खियों में है। मंगलवार को हुई वोटिंग में भी उपरोक्त दोनों पार्षदों के नाम अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर सहमति बनी है। इसकी तस्वीर जल्द साफ हो जाएगी।
कांग्रेस समर्थित पार्षद से अनदेखी, गवाना पड़ा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद
एक साल पहले पूर्ण बहुमत से कांग्रेस समर्थित ने नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर कब्जा किया था। इस एक साल के कार्यकाल में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पार्षदों का विश्वास कायम नहीं रख पाए और पद गंवाने पड़े। इसी बीच विकासात्मक कार्यों में पार्षद की अनदेखी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को भारी पड़ी।
नगर परिषद में एक साल के कार्यकाल में करीब एक करोड़ के कार्य सभी वार्डों में हुए। अन्य विकासात्मक कार्यों की उपलब्धियों पर भी जश्न साल पूरा होने के बाद मनाया जाना था लेकिन इसी बीच अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया और जश्न मनाने से पहले ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी छिन गई।