मंडी। 13 वर्ष बाद बरोटी-लैहड़ सड़क के पक्का होने की उम्मीद लोगों में जग गई है। लगभग डेढ़ दशक बाद विभाग ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क की द्वितीय चरण की डीपीआर तैयार कर ली है। हालांकि, वन विभाग से मंजूरी न मिलने से अभी भी पेच फंसा हुआ है। ‘अमर उजाला’ के 12 जुलाई के संस्करण में 13 वर्ष बाद भी नहीं बन पाई सड़क की डीपीआर शीर्षक से छपी खबर के बाद लोक निर्माण विभाग भी हरकत में आ गया है।
वन विभाग से मंजूरी लेने के लिए भी विभाग ने कवायद तेज कर दी है। लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारी 27 जुलाई को सड़क का दौरा करेंगे। इसके अलावा विभाग ने द्वितीय चरण की डीपीआर भी तैयार कर ली है। डीपीआर को केंद्र सरकार को प्रेषित किया जाना बाकी है। सड़क का निर्माण वर्ष 2003 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किया गया था। लेकिन, अरसा बीत जाने के बाद भी इस सड़क को पक्का नहीं किया जा सका था। स्थानीय पंचायत प्रधान और लोगों ने विभाग से सड़क को पक्का करने की मांग उठाई थी। हर बरसात में यह सड़क नाले में तबदील हो जाती है। इसी समस्या से बचने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों ने बरसात से पहले ही कई बार विभाग को सड़क पक्का करने की डिमांड रखी थी।
दो जिलों में कई गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
बरोटी-लैहड़ सड़क के पक्का होने से बिलासपुर के ननावां पंचायत और मंडी जिले की बरोटी पंचायत के कई गांवों के ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। इस सड़क के पक्का होने से मंडी जिले की बरोटी पंचायत के थाना, लैहड़, झनोड़ कुल्थाड़ी, बरोटी सहित बिलासपुर जिला की ननावां पंचायत के कई गांवों के लोगों को लाभ मिलेगा। अब इन गांवों के लोगों को पैदल सफर करने पर विवश नहीं होना पड़ेगा। वहीं, क्षेत्र से कॉलेजों और स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इस सड़क के पक्का होने से बस सुविधा मिलने की उम्मीद जग गई है।
कोट्............
विभाग के समक्ष कई बार मांग रखी गई थी। समस्या के समाधान होने से क्षेत्र के लोगों की यातायात सुविधा में खासा सुधार होगा।
..लेखराम भारद्वाज पंचायत प्रधान बरोटी
सड़क को पक्का करने के लिए द्वितीय चरण की डीपीआर तैयार कर ली गई है। वन विभाग से क्लीयरेंस के लिए वन विभाग की टीम के साथ 27 जुलाई को संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा।
..आरएल कौंडल एसडीओ लोक निर्माण विभाग।