मंडी। यूजीसी के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) ने जिले के कॉलेजों में भूख हड़ताल कर रोष जताया।
मंडी के वल्लभ कॉलेज समेत जिले के 18 महाविद्यालयों में एक दिन की भूख हड़ताल की।
कॉलेजों में चल रही परीक्षाओं में ड्यूटी देने के साथ 18 कॉलेजों के 500 प्राध्यापकों ने हड़ताल में भाग लिया। इस दौरान स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी प्रभावित हुई।
अकेले वल्लभ कॉलेज में ही 300 विद्यार्थियों की एमए की पढ़ाई बाधित हुई। हड़ताल पर बैठे प्राध्यापकों ने सरकार को सीधे तौर पर चेताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं वे 24 मई से रोजाना 12:30 बजे से डेढ़ बजे तक कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे।
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इन कॉलेजों में हड़ताल
जिले के वल्लभ कॉलेज मंडी के अलावा गाड़ागुसैणी, थाची, लंबाथाच, करसोग, निहरी, बासा, पनारसा, पधर, बलद्वाड़ा, सरकाघाट, लडभड़ोल, रिवालसर, कोटली, जोगिंद्रनगर, बरोट, संधोल और धर्मपुर कॉलेज में एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की गई।
वल्लभ कॉलेज के प्रवेशद्वार पर 35 शिक्षक भूख हड़ताल पर बैठे। राज्य उपाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश ठाकुर ने कहा कि यूजीसी के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अविलंब लागू करने और शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए छह साल से सरकार को विभिन्न मंचों के माध्यम से ज्ञापन दिए लेकिन उनकी मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है।
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ये हैं प्रमुख मांगें
मंडी इकाई के अध्यक्ष डॉ. जसवंत सिंह ठाकुर, महासचिव सहायक प्रोफेसर अर्चना शुक्ला ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अविलंब लागू किया जाए। शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए महाविद्यालय में प्रोफेसर के पदों को सृजित किया जाए।