मलाणा के समीप बादल फटने से बह गए पैदल पुल को बनाने के लिए लकड़ी को खींच कर ले जाते मलाणा वासी।-
कुल्लू। बादल फटने की घटना के बाद मलाणा गांव का संपर्क देश-दुनिया से कटा हुआ है। नाले के आर-पार जाने के लिए ग्रामीणों के पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है। रास्ते बाधित होने के चलते अभी तक यहां मदद करना प्रशासन के लिए भी चुनौती बना हुआ है। सोमवार को मलाणा के ग्रामीणों ने स्वयं ही लकड़ी का पुल तैयार करने का बीड़ा उठाया। ग्रामीणों ने लकड़ी को रस्सी के सहारे मलाणा नाला तक पहुंचाया। दोनों छोर पर ग्रामीण डटे रहे। फिर लकड़ियों को आर पार टिकाने के लिए पिलर बनाए गए। अस्थायी पुल तैयार होने से ग्रामीणों को नाले के आर-पार जाने में दिक्कत नहीं आएगी।
ग्राम पंचायत मलाणा के उपप्रधान रामजी ठाकुर ने कहा कि मलाणा नाले में आई बाढ़ से गांव को जोड़ने वाला पुल बह गया है। अब ग्रामीण अस्थायी पुल का निर्माण कर रहे हैं। बलाधी गांव में लोगों की आवाजाही की सुविधा के लिए झूले का निर्माण किया जा रहा है। सोमवार को बलाधी में झूला पुल का निर्माण चलता रहा। झूला लगने से बलाधी के लोगों को नदी के आर-पार आने में आसानी होगी। नायब तहसीलदार जरी हेमराज शर्मा ने कहा कि प्रशासन की ओर से राहत कार्यों में चौहकी में ड्रेजिंग के साथ ही बलाधी में झूले का काम किया जा रहा है। संवाद