संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मनाली-चंडीगढ़ एनएच बुधवार को औट के शनिदेव मंदिर के समीप भूस्खलन से वाहनों के लिए करीब सात घंटे तक बंद रहा। इससे हिमाचल पथ परिवहन निगम कुल्लू डिपो की लंबे रूटों की बसें बजौरा वाया कटौला होकर मंडी से दिल्ली भेजनी पड़ी।
कुल्लू से बंजार, सैंज की ओर जाने वाली बसों को भी औट में ही बदलना पड़ा। इसके कारण सैकड़ों सवारियों और पर्यटकों को परेशान होना पड़ा है। सुबह चार बजे शनि मंदिर की पहाड़ी से हाईवे पर चट्टानें गिरी। इसके कारण सात घंटे तक कई किलोमीटर में जाम लगा रहा। सुबह से पर्यटक व सवारियां गाड़ियों में भूखे-प्यासे फंसी रहीं। हालांकि कई वाहन चालक थलौट वाया नाऊ से होकर 27 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर पनारसा पहुंचे। इस दौरान उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा है। गौरतलब है कि जिला कुल्लू से निगम की लंबे रूटों पर जाने वाली बसों का संचालन मजबूरन बजौरा वाया कटौला होकर करना पड़ा। सुबह के समय दिल्ली, चंडीगढ़ और पठानकोट की बसें इस मार्ग से भेजी गई, जबकि बंजार और सैंज के लिए चलने वाली बसें भी शनि मंदिर से आगे न जा सकी। ऐसे में कुल्लू से बंजार-सैंज और बंजार-सैंज से कुल्लू आने वाली सवारियों को दो से ढाई किलोमीटर का सफर जान जोखिम में डालकर पैदल सफर करना पड़ा है। निगम ने सवारियों को राहत प्रदान करने के लिए बसों को बंद हाईवे के दोनों से वापस मोड़कर सेवाएं जारी रखी। इस संबंध में औट पुलिस थाना के एसएचओ ललित महंत ने कहा कि हाईवे बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस जवानों को मौके पर भेजा गया था। यातायात को सुचारु करने की कोशिशें सात घंटे तक जारी रही।
पहले भी कई बार हुआ बंद, वाहनों पर गिर चुके है पत्थर
शनिदेव मंदिर के पास पहले भी कई बार एनएच बंद हुआ है। इसके बंद होने का मुख्य कारण फोरलेन निर्माण की कटिंग है। इससे कई बार बड़ी-बड़ी चट्टानें एनएच पर गिर जाती हैं। ऐसे में अब तक दर्जनों वाहनों को नुकसान हुआ है। कुछ लोगों की जान भी गई है, लेकिन फोरलेन में निर्माणाधीन कंपनी इसकी सुध नहीं ले रही है।
सवारियों को नहीं होने दी परेशानी
एचआरटीसी कुल्लू डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग कहा कि मनाली-चंडीगढ़ हाईवे बंद रहने से सवारियों को परेशान होने नहीं दिया गया। दिल्ली, चंडीगढ़ और पठानकोट के लिए वाया बजौरा-कटौला से मंडी के लिए बसें भेजी। लोकल रूटों की बसों का संबंधित क्षेत्र में ही संचालन जारी रखा गया।