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आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने पर खिले बच्चों के चेहरे

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कुल्लू में कोरोना के कारण दो साल बाद खुले आगंनवबड़ी केंद्र में पहुंचे बच्चों का स्वागत करते। -संव - फोटो : Kullu
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के फैसले के बाद बुधवार से आंगनबाड़ी केंद्र खोल दिए गए हैं। ऐसे में जिले के 1095 आंगनबाड़ी केंद्रों में करीब दो साल बाद रौनक लौटी आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने नौनिहालों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बाद आंगनबाड़ी केंद्र खोले। आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों का स्वागत तिलक व पुष्प वर्षा से किया गया।
बच्चों ने भी केंद्रों में आने के लिए खूब उत्साह दिखाया है। सुबह से दोपहर तक जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की चहल-पहल रही। बच्चों ने कहा कि उनको आंगनबाड़ी केंद्र में आकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने पढ़ाई के साथ खिलौने के साथ भी खेला। आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचने पर बच्चों के चेहरों पर अलग रौनक और चमक थी। बता दें कि जिला कुल्लू में विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार शून्य से तीन साल के 30913 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति थोड़ी कम रही है। इसके बावजूद अधिक बच्चों वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में 15 से 20 बच्चे उपस्थित रहे। उधर, अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सरकार व विभाग के इस निर्णय का स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि पिछले लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे हैं, इससे बच्चों का शैक्षणिक और शारीरिक विकास नहीं हो पाया है। केंद्रों के खुलने से बच्चे बेहतर शिक्षा के साथ रहन-सहन के तौर तरीके सीख पाएंगे। इस संबंध में कार्यवाहक जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश चंद रेस्टा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए सजाया गया है। बच्चों की सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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एक साथ मिलकर खेलने को मिला मौका
गौरीशा ने कहा कि उन्हें अन्य बच्चों के साथ मिलकर खेलने का मौका मिला है। घर पर रहकर उन्हें खेलने में इतना आनंद नहीं मिला, जितना आंगनबाड़ी केंद्र में आने के बाद मिला।
अ से अनार और एबीसीडी पढ़ी
तनीषा ने कहा कि उनको अध्यापिका ने अ से अनार और एबीसीडी पढ़ाई है। सभी बच्चों के साथ मिलकर पढ़ने में उन्हें मजा आया है। कहा कि वह रोजाना केंद्र में पढ़ने आएगी।
केंद्र में बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी
बच्चे को आंगनबाड़ी केंद्र छोड़ने आई अभिभावक मंजू ठाकुर ने कहा कि केंद्र में बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। घर पर रहकर बच्चा पढ़ाई से किनारा कर लेता है, जिससे दिक्क्त आती है।
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शारीरिक तौर पर स्वस्थ रहेगा बच्चा
अभिभावक अनिता वर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का निर्णय सही है। केंद्र में आने से बच्चा पढ़ाई में निपुण होगा। खेलकूद की गतिविधियों से शारीरिक तौर पर स्वस्थ भी रहेगा।
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