कुल्लू/खराहल। देश में क्षेत्रफल के लिहाज से राजस्थान के बाड़मेर के बाद दूसरी बड़ी मानी जाने वाली मंडी लोकसभा सीट के लिए सभी प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। अपने कुल देवी-देवताओं से आशीर्वाद लेने के बाद प्रत्याशी कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी समर में कूद पड़े हैं। जगह-जगह जाकर रैलियां व नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
उपचुनाव में यह सीट इस कारण से भी हाइप्रोफाइल बन गई है कि यहां से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी मैदान में है। भाजपा ने कारगिल हीरो बिग्रेडियर खुशाल सिंह पर दाव खेला है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह जिला होने की वजह से भी यहां पर चुनाव रोचक होने वाला है। अभी तक मंडी संसदीय सीट से कुल आठ लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है। 13 अक्तूबर को नाम वापसी के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि चुनौतीपूर्ण संसदीय सीट के लिए दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। कांग्रेस वीरभद्र सिंह के बिना पहली बार विरोधियों को टक्कर देने के लिए चुनावी अखाड़े में उतरी है। ऐसे में कांग्रेस के सभी नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप राठौर भी अपनी शतरंज बिछाने में लगे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी रणनीति के तहत चुनाव प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी, गैस, पेट्रोल के बढ़ते दाम के मुुद्दों को भुना रही है। भाजपा विकास के नाम पर लोगों से समर्थन मांग रही हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर कहते हैं कि कांग्रेस उपचुनावों में तीन विस और एक लोकसभा की सीट पर जीत दर्ज करेंगी। भाजपा के मंडी संसदीय सीट के सह प्रभारी व शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि उपचुनावों में भाजपा भारी मतों से जीत हासिल करेगी।