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अपराजिता बनने के लिए आत्मविश्वास करें मजबूत

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कुल्लू के नव ज्योति स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में भाग लेती छात्राएं।-संवाद - फोटो : Kullu
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। छात्राओं को अगर अपराजिता बनना है तो अपने आत्मविश्वास को मजबूत करना होगा। नारी शक्ति किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है। वह ऑटो चलाने से लेकर हवाई जहाज तक चला सकती है। जरूरत बस अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करने की है।
कुल्लू के नवज्योति पब्लिक स्कूल में बुधवार को आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्य अथिति पुलिस उप अधीक्षक मोहन रावत ने यह बात कही।
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उन्होंने कहा कि अपराजिता का अर्थ है, जिसे कोई हरा न सके। छात्राओं को जागरूक करने के लिए अमर उजाला की पहल सराहनीय है। सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल की जानकारी भी दी। घरेलू हिंसा और साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में छात्राओं को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। यदि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ दुराचार जैसी घटना होती है तो एक्ट के अनुसार 20 वर्ष या उम्र कैद की सजा का प्रावधान है। लड़कियों के साथ अगर छेड़छाड़ होती है तो वे 112 नंबर, सीएम हेल्पलाइन या फिर महिला थाना कुल्लू में शिकायत दर्ज करवा सकती हैं।
मोबाइल का कम से कम करें इस्तेमाल
नवज्योति पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य मोती लाल ने कहा कि मोबाइल का प्रयोग जरूरी कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। छात्राओं को मोबाइल का कम से कम प्रयोग कर अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान देना चाहिए। मोबाइल के अधिक इस्तेमाल के गंभीर परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
कानून किस लिए बनाया गया
नवज्योति स्कूल की रिवा ने सवाल किया कि कानून किस लिए बनाया गया और इसकी क्या जरूरत है। इस पर पुलिस उप अधीक्षक मोहन रावत ने बताया कि समाज में अनुशासन को बनाए रखने के लिए कानून जरूरी है। यह सभी के लिए सम्मान है।
दुष्कर्म में कितने मामले सुलझाए
अंशिका ने पूछा कि दुष्कर्म के कितने मामलों को पुलिस सुलझाती है। इस पर मोहन रावत ने बताया कि दुष्कर्म मामलों में पुलिस 99 फीसदी मामलों को सुलझाती है। पीड़ित अगर आरोपी का नाम बता दे तो बिना देरी किए उसे पकड़ लिया जाता है।
घरेलू हिंसा में किस तरह शिकायत की जाए
पूर्वांशी ने सवाल किया कि घरेलू हिंसा के मामलों में किस तरह शिकायत की जाती है। मोहन रावत ने बताया कि संबंधित महिलाएं पुलिस में शिकायत दर्ज करवा सकती है। इसमें आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। घरेलू हिंसा हो तो पुलिस को बताएं।
अपराधी की पहचान कैसे होगी
अक्षरा ने सवाल किया कि अगर किसी ने अपराध किया हो और वह किसी अन्य व्यक्ति का नाम ले, तो ऐसे में अपराधी की पहचान पुलिस कैसे करेगी। इस पर मोहन रावत ने बताया कि पुलिस सबसे पहले संबंधित मामलों की जांच बारीकी से करेगी। इसके बाद कार्रवाई करेगी।
बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा
नंदनी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण एक अहम मुद्दा है। पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में छात्राओं को जागरूक करने के लिए अमर उजाला की मुहिम सराहनीय है। इसके माध्यम से छात्राएं जागरूक हो रही हैं।
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नारी गरिमा के सम्मान के लिए करूंगी प्रेरित
तनुश्री ने कहा कि अभियान से जुड़कर अच्छा लगा। अपने परिवार के साथ रिश्तेदारों और दोस्तों को भी नारी गरिमा के सम्मान के लिए प्रेरित करूंगी। ऐसे आयोजनों से महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलता है। ऐसे कार्यक्रमों को और ज्यादा कराए जाने की आवश्यकता है।
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