संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिला कुल्लू की दुर्गम पंचायत गाड़ापारली के ग्रामीणों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। दुर्गम गांव शाक्टी-मरोड़ को देश-दुनिया से जोड़ने वाला पैदल रास्ता खस्ताहाल है। आजादी के 75 सालों के बाद भी यह रास्ता पक्का नहीं हो पाया है।
रास्ते में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जो समस्या को बढ़ा रहा है। इतना ही नहीं करीब 25 किलोमीटर लंबे इस पैदल रास्ते में पांच लकड़ी के पुल भी आते हैं। शाक्टी में पुल भी जर्जर है, जिसके कारण ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। हालांकि ग्रामीणों ने रास्ते और पुल की मरम्मत करने के लिए जिला प्रशासन से कई बार मांग उठाई है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
गौरतलब है कि सैंज घाटी की दुर्गम पंचायत गाड़ापारली का एक भी गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। पंचायत के दुर्गम गांव शाक्टी, मरोड़, शुगाड़ और कुटला को जोड़ने वाला पैदल रास्ता खस्ताहाल है, जिसके कारण ग्रामीणों को आवाजाही करने में परेशानी हो रही है। ग्रामीण हीराचंद, डोले राम, लग्न राणा, रामचंद, शेर सिंह, लालचंद, गोविंद राम और भागचंद ने कहा कि प्रशासन बरसात से पहले न्यूली से कुटला गांव तक जाने वाले रास्ता और पुल को दुरुस्त करवाए। उन्होंने कहा कि रास्ता जगह-जगह क्षतिग्रस्त और पुल जर्जर हालात में है। सैकड़ों ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए विवश हैं। उधर, इस संबंध में उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा है कि पैदल रास्तेे की मरम्मत के लिए स्थानीय पंचायत से रिपोर्ट मांगी गई है, जल्द ग्रामीणों की समस्या को हल किया जाएगा।