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कुल्लू में बच्चों-लोगों को समय पर नहीं मिल रहा उपचार

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कुल्लू अस्पताल में सर्जन नहीं होने से बंद पड़ी ओपीडी। - फोटो : Kullu
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कुल्लू। जिला कुल्लू, मंडी, लाहौल-स्पीति तथा चंबा के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाला क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू खुद बीमार है। उपचार करवाने आ रहे मरीजों को ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं। अस्पताल में दो सर्जन और दो शिशु रोग चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा। साथ ही बच्चे बीमार होने पर लोगों की परेशानी और भी बढ़ जाती है। नेता और प्रदेश सरकार अस्पताल की सुध नहीं लेते हैं।
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चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को परेशान होना पड़ता है। सुविधाओं के अभाव में लोगों को निजी अस्पतालों में महंगा उपचार करवाना पड़ रहा है। हालांकि कुल्लू की जनता बार-बार प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में रिक्त चल रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदों को भरने की मांग कर रही है। लेकिन अस्पताल में स्थिति जस की तस बनी हुई है। अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीना लाल ने कहा कि विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट सौंपी गई है। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने में प्रदेश सरकार नाकाम रही है। साथ ही स्थानीय भाजपा के नेता भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। हाल ही में कुल्लू दौरे पर आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामला ध्यान में होने और प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सकों के पद भरने की बात कही थी। लेकिन चिकित्सकों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई है।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही
मनोज कुमार राणा ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में कुल्लू, मंडी, चंबा और लाहौल-स्पीति के मरीज उपचार करवाने आते हैं। लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
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उपचार के लिए भटक रहे मरीज
इंदू ने कहा कि जिला मुख्यालय में स्थित अस्पताल में समय पर मरीजों का उपचार नहीं हो पाता। गंभीर बीमारी की हालत में सर्जन न मिलने के चलते अधिक परेशानी होती है। मरीजों को उपचार के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।
महंगा इलाज करवाना बना मजबूरी
पंकज कुमार ने कहा कि सरकार ने क्षेत्रीय अस्पताल के भवनों के निर्माण पर करोड़ों का बजट खर्चा है। इसके बावजूद अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। लोग निजी अस्पतालों में महंगा उपचार करवाने के लिए मजबूर हैं।
बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर नहीं
जीवन ठाकुर ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं होने से दिक्कत हो रही है। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अस्पताल प्रबंधन गंभीर नहीं है। बीमार शिशुओं का उपचार करवाना परेशानी का सबब बन जाता है।
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